Written by : Sanjay kumar
रामपुरा-कंवरपुरा राजकीय विद्यालय की बदहाली का मामला
जयपुर, 21 अगस्त। राजधानी जयपुर के सांगानेर क्षेत्र के पास स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में एक सरकारी स्कूल की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम इसी स्कूल की बदहाली का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुँची थी। आरोप है कि यह स्कूल पिछले कई सालों से एक भैंसों के तबेले में संचालित हो रहा है, और पिछली बार भी निरीक्षण के दौरान हालात ऐसे ही बदतर पाए गए थे।
निरीक्षण से पहले तनाव और ग्रामीणों का विरोध
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जब सीजेपी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुँचे, तो वहां पहले से ही स्थानीय ग्रामीण और सत्ताधारी दल से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यकर्ताओं को स्कूल के भीतर प्रवेश करने से साफ तौर पर रोक दिया गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में बड़े हंगामे और विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गई।
सीजेपी कार्यकर्ताओं पर मारपीट और तोड़फोड़ के गंभीर आरोप
हंगामा तब और बढ़ गया जब मौके पर आशुतोष रांका खुद पहुँचे। सीजेपी का आरोप है कि उनके पहुँचते ही वहां मौजूद लोगों द्वारा पथराव शुरू कर दिया गया। इस सुनियोजित हमले में कार्यकर्ताओं की गाड़ियों के शीशे बुरी तरह तोड़ दिए गए, मोबाइल फोन फोड़ दिए गए और महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी बदसलूकी व मारपीट की गई। इस हिंसक झड़प में टीम के एक सदस्य का हाथ तक टूट गया।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और शासन प्रणाली पर आक्रोश
सीजेपी नेताओं ने इस पूरी घटना को लेकर राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर सीधा निशाना साधा है। उनका आरोप है कि यह हमला पूरी तरह से प्रायोजित था और पुलिस प्रशासन को पहले ही सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर मूकदर्शक बनी रही। रांका का कहना है कि शिक्षा मंत्री के जनविरोधी आदेशों और प्रशासनिक कमियों के खिलाफ जब वे जमीनी हकीकत देखने गए, तो भाजपा से जुड़े लोगों ने उनपर कायरतापूर्ण हमला किया।
48 घंटे का अल्टीमेटम और बड़े आंदोलन की चेतावनी
इस घटना को राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन बताते हुए आशुतोष रांका ने सरकार को 48 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दिया है। सीजेपी की मांग है कि तुरंत प्रभाव से सभी हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए और स्कूल निरीक्षण से जुड़े जनविरोधी आदेश को वापस लिया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर ये मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पूरे राजस्थान में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ा और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
