कोटा, 23 अगस्त। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, कमला उद्यान, कुन्हाड़ी स्थित सेवा केंद्र में रक्षाबंधन पर्व श्रद्धा, उमंग और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में कोटा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से पहुंचे भाई-बहनों ने सहभागिता की और ईश्वरीय ज्ञान एवं वाणी का लाभ लिया।

ईश्वरीय वाणी से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ कोटा सेवा केंद्र एवं कोटा संभाग प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने ईश्वरीय वाणी सुनाकर किया। इस दौरान पूरा परिसर आध्यात्मिक वातावरण और भाईचारे की भावना से ओत-प्रोत रहा।
आत्मा और परमात्मा के संबंध का दिया संदेश
उर्मिला दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता ज्ञानदाता परमात्मा शिव इस धरा पर आकर सभी आत्माओं को यह संदेश देते हैं कि हम शरीर नहीं, बल्कि चेतन आत्माएं हैं और एक परमपिता परमात्मा की संतान हैं। इसी आत्मिक संबंध के कारण हम सभी आपस में भाई-भाई हैं।
पवित्रता और आत्म-संयम ही सच्ची सुरक्षा का आधार
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि यह पवित्रता, आत्म-संयम और परमात्मा से जुड़ने का पावन अवसर भी है। परमात्मा सभी को पवित्र बनो और योगी बनो का संदेश देते हैं। जीवन में पवित्रता और आत्मिक शक्ति आने से ही सच्ची शांति, खुशहाली और सुरक्षा का अनुभव किया जा सकता है।
भाई-बहनों को बांधा परमात्मा का रक्षा सूत्र
कार्यक्रम में बाल ब्रह्मचारिणी राजयोगिनी उर्मिला दीदी, बीके ज्योति दीदी, बीके लक्ष्मी दीदी एवं बीके सरस्वती दीदी ने उपस्थित भाई-बहनों को परमात्मा शिव का रक्षा सूत्र बांधा। इस अवसर पर सभी के सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया गया।
ईश्वरीय प्रसाद के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी भाई-बहनों को ईश्वरीय प्रसाद वितरित कर मुख मीठा कराया गया। रक्षाबंधन पर्व के दौरान उपस्थित भाई-बहनों में आध्यात्मिक उल्लास, आत्मिक प्रेम और भाईचारे की भावना दिखाई दी।
