Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 6 सितंबर। खेडली फाटक स्थित उम्मेद गार्डन में सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ और इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण सुरक्षा को समर्पित एक प्रेरणादायक पहल का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान से गणेश पूजन संपन्न करने के बाद कुल 1156 निशुल्क इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं के वितरण अभियान की शुरुआत की गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ हमारी अमूल्य प्रकृति और जल स्रोतों को प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) व हानिकारक केमिकल वाले रंगों से होने वाले प्रदूषण से बचाना है, जिससे समाज में पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त और सकारात्मक संदेश घर-घर तक पहुंचे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की इस अनूठी पहल की खुले दिल से प्रशंसा
कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आयोजकों के इस प्रयास को अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया। लोकसभा अध्यक्ष ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि घरों में प्राकृतिक मिट्टी से बने गणेश जी की स्थापना करने से हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परंपराएं तो सुरक्षित रहेंगी ही, साथ ही हमारी पवित्र नदियों और तालाबों को केमिकल युक्त प्रदूषण से भी बचाया जा सकेगा।
टीलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में होगा भव्य प्रतिमाओं का वितरण समारोह
इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब के अध्यक्ष डॉ. एम.एल. अग्रवाल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस पर्यावरण-हितैषी अभियान के अंतर्गत कुल 1156 शुद्ध मिट्टी की गणपति प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को पूरी तरह निशुल्क प्रदान की जाएंगी। इन सभी प्रतिमाओं का मुख्य वितरण समारोह ऐतिहासिक टीलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 सितंबर को शाम 5 बजे एक साथ 1100 प्रतिमाएं तथा 13 सितंबर को दोपहर 2 बजे आयोजित होने वाले विशेष समारोह में शेष 56 प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को सौंपी जाएंगी, जिससे शहरवासी अपने घरों और पंडालों में पर्यावरण अनुकूल उत्सव मना सकें।
स्थानीय कलाकारों की कलात्मकता और जल में घुलनशील रंगों का अनूठा प्रयोग
क्लब के संस्थापक महामंत्री राजा राम जैन कर्म योगी ने बताया कि क्लब की विशेष कार्यशाला में स्थानीय मूर्तिकारों ने अपनी अद्भुत कला का परिचय देते हुए इन प्रतिमाओं को अत्यंत भव्य, सुंदर और आकर्षक रूप दिया है। घरों में व्यक्तिगत स्थापना के लिए विशेष रूप से 9 इंच और 12 इंच की मनमोहक प्रतिमाएं तैयार की गई हैं, जबकि विभिन्न सार्वजनिक पंडालों और प्रमुख चौराहों पर स्थापना के लिए 4 फीट से लेकर 6 फीट तक के आकार की विशाल व मनभावन मूर्तियां निर्मित की गई हैं। इन सभी मूर्तियों को बनाने में पूरी तरह प्राकृतिक और शुद्ध मिट्टी का उपयोग किया गया है तथा इन्हें सजाने के लिए केवल पर्यावरण के अनुकूल जल में घुलनशील रंगों का ही प्रयोग हुआ है।
पैंतालीस दिवसीय विशाल जन जागरण रथ यात्रा से मिल रहा व्यापक संदेश
गणपति महोत्सव को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए महासंघ द्वारा कोटा शहर में एक व्यापक 45 दिवसीय विशाल जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विशेष रूप से तैयार किए गए जन जागृति रथ प्रतिदिन शहर के विभिन्न मोहल्लों, बाजारों और कॉलोनियों में निरंतर भ्रमण कर रहे हैं। इन रथों पर प्रदर्शित आकर्षक पोस्टरों, चित्रों और लाउडस्पीकर के माध्यम से शहरवासियों से पुरजोर अपील की जा रही है कि वे इस गणेश उत्सव पर केवल शुद्ध मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाएं ही स्थापित करें तथा प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से जल स्रोतों और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति सजग रहकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प लें।
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