Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 12 सितंबर। राजस्थान में नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के लिए दो चरणों में आयोजित मतदान प्रक्रिया शुक्रवार, 11 सितंबर को दूसरे चरण के मतदान के साथ पूरी हो गई। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में पार्षद पद के लिए मतदान के बाद अब सभी की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिक गई हैं। मतगणना के बाद प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में पार्षद पदों के परिणाम सामने आएंगे।
309 नगरीय निकायों में हुआ चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में पार्षद पदों के लिए चुनाव दो चरणों में कराया गया। इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगरपालिकाएं शामिल हैं। प्रदेश में कुल 10,245 वार्ड हैं। नामांकन वापसी के बाद 38,891 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे, जबकि 77 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।
दूसरे चरण में छह नगर निगम सहित 147 निकायों में मतदान
दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को छह नगर निगम, 20 नगर परिषद और 121 नगरपालिकाओं सहित कुल 147 नगरीय निकायों में कराया गया। इस चरण में जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और बीकानेर सहित प्रमुख शहरी निकायों में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दूसरे चरण में 87,63,595 मतदाता मतदान के लिए पात्र थे। उपलब्ध अंतिम आंकड़ों के अनुसार 61,93,865 मतदाताओं ने मतदान किया और मतदान प्रतिशत 70.68 रहा।
दोनों चरणों में 72.95 प्रतिशत मतदान
पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को 162 नगरीय निकायों में हुआ था। उपलब्ध निर्वाचन आंकड़ों के अनुसार पहले चरण में 76.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दूसरे चरण में 70.68 प्रतिशत मतदान के बाद दोनों चरणों को मिलाकर प्रदेश में कुल मतदान प्रतिशत 72.95 रहा। यह आंकड़ा पिछले नगरीय निकाय चुनावों में दर्ज 70.31 प्रतिशत मतदान की तुलना में अधिक है।
धोरीमन्ना में सर्वाधिक और सिरोही में सबसे कम मतदान
दूसरे चरण के मतदान में बालोतरा जिले की धोरीमन्ना नगरपालिका में सर्वाधिक 91.59 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि सिरोही नगर परिषद में सबसे कम 62.03 प्रतिशत मतदान हुआ। इससे स्पष्ट है कि अलग-अलग नगरीय निकायों में मतदाताओं की भागीदारी में उल्लेखनीय अंतर रहा।
ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायतें
दूसरे चरण के दौरान कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायतें भी सामने आईं। संबंधित स्थानों पर आवश्यकतानुसार मशीनों को बदला गया और मतदान प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे। विभिन्न स्थानों से मतदान के दौरान विवाद, शिकायत और तकनीकी समस्याओं की सूचनाएं भी सामने आईं।
77 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित
चुनावी प्रक्रिया के दौरान 77 प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हो चुका था। इनमें भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। निर्विरोध निर्वाचन वाले वार्डों में मतदान की आवश्यकता नहीं रही। इसके अलावा टोंक जिले के एक वार्ड में किसी प्रत्याशी के नामांकन नहीं होने के कारण मतदान नहीं हुआ।
निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण
इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय तथा बागी प्रत्याशी भी मैदान में रहे। नामांकन वापसी के बाद कई वार्डों में मुकाबला बहुकोणीय हो गया। ऐसे में स्थानीय मुद्दे, प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़, पार्टी संगठन और निर्दलीय प्रत्याशियों की स्थिति कई वार्डों के परिणाम को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक माने जा रहे हैं।
14 सितंबर को होगी मतगणना
अब चुनावी प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण 14 सितंबर 2026 को होने वाली मतगणना है। दोनों चरणों में हुए मतदान की मतगणना निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक साथ होगी। इसी दिन पार्षद पदों के चुनाव परिणाम सामने आएंगे और अलग-अलग नगरीय निकायों में बहुमत की स्थिति भी स्पष्ट होने लगेगी।
21 सितंबर को महापौर, सभापति और अध्यक्ष के चुनाव
पार्षद पदों के परिणाम के बाद नगरीय निकायों के अध्यक्षीय पदों के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू होगी। महापौर, सभापति और नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव के लिए 21 सितंबर 2026 को मतदान कराया जाएगा तथा मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना होगी। इसके बाद 22 सितंबर को उपमहापौर, उपसभापति और उपाध्यक्ष पदों के निर्वाचन की प्रक्रिया होगी।
अब परिणाम पर टिकी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की नजर
दो चरणों में मतदान पूरा होने के साथ ही राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का इंतजार अब 14 सितंबर के परिणामों पर केंद्रित हो गया है। खास तौर पर जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और बीकानेर जैसे प्रमुख नगर निगमों के परिणामों को राज्य की शहरी राजनीति की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किन प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के पक्ष में अपना जनादेश दिया है।
