पुनर्मतदान के बाद जयपुर-जोधपुर-कोटा में परिणाम का इंतजार, 25 सितंबर को महापौर-अध्यक्ष चुनाव संभव

Sanjay :16 Sept.

जयपुर, जोधपुर, कोटा। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित हुए जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा सुकेत नगर पालिका के 9 वार्डों के 10 मतदान केंद्रों पर बुधवार को पुनर्मतदान शांतिपूर्ण एवं कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। पुनर्मतदान के बाद अब इन वार्डों के परिणामों पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। इन बूथों की मतगणना गुरुवार सुबह 8 बजे निर्धारित की गई है।

महापौर और अध्यक्ष पद के निर्वाचन की प्रक्रिया परिणाम के बाद होगी

इन 9 वार्डों की मतगणना पूरी होने के बाद संबंधित निकायों में महापौर और अध्यक्ष पद के निर्वाचन की अधिसूचना जारी की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से औपचारिक कार्यक्रम मतगणना के बाद घोषित किया जाएगा। संभावित कार्यक्रम के अनुसार जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगरपालिका में महापौर एवं अध्यक्ष पद के लिए 25 सितंबर को मतदान हो सकता है, जबकि अगले दिन 26 सितंबर को उप महापौर और उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन संभव है।

जयपुर में पांच बूथों पर पुनर्मतदान, अलग-अलग रहा मतदान प्रतिशत

जयपुर नगर निगम के चार वार्डों के पांच मतदान केंद्रों पर बुधवार को पुनर्मतदान कराया गया। वार्ड 9 के बूथ संख्या 111 पर 73.50 प्रतिशत, वार्ड 18 के बूथ संख्या 225 पर 72.22 प्रतिशत, वार्ड 25 के बूथ संख्या 343 पर 81.71 प्रतिशत तथा वार्ड 34 के बूथ संख्या 477 पर 48.81 प्रतिशत और बूथ संख्या 484 पर 72.76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इन चारों वार्डों की मतगणना गुरुवार सुबह 8 बजे होगी।

कोटा में तीन वार्डों के बूथों पर मतदान के दौरान बढ़ी राजनीतिक गर्मी

कोटा नगर निगम के तीन वार्डों के तीन मतदान केंद्रों पर बुधवार को पुनर्मतदान हुआ। मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद, नारेबाजी, धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति भी बनी। तनाव की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई।

वार्ड 87 में नारेबाजी के बाद विवाद, पुलिस ने संभाली स्थिति

कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आने वाले वार्ड 87 के बूथ संख्या 99 पर मतदान शुरू होने से पहले ही भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंच गए थे। दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने समर्थकों को मतदान के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इसी दौरान नारेबाजी को लेकर दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं में विवाद हुआ और स्थिति धक्का-मुक्की तथा हाथापाई तक पहुंच गई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र से दूर किया।

वार्ड 44 के बूथ पर फर्जी मतदान के आरोप को लेकर हंगामा

कोटा के वार्ड 44 के बूथ संख्या 448 पर भी फर्जी मतदान के आरोप को लेकर विवाद की स्थिति बनी। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन कार्यकर्ताओं के साथ एक मतदाता को मतदान केंद्र के अंदर भेज रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फर्जी मतदान करवाने का आरोप लगाते हुए आपत्ति जताई। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं वार्ड 11 के बूथ संख्या 576 पर पुनर्मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

कोटा में रिकॉर्ड मतदान, मूल मतदान प्रतिशत से अधिक रहा आंकड़ा

पुनर्मतदान के दौरान कोटा के प्रभावित बूथों पर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार संबंधित तीन बूथों पर 76.89 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। वहीं सुकेत नगरपालिका के वार्ड 4 के संबंधित बूथ पर 77.15 प्रतिशत मतदान हुआ। कोटा नगर निगम के चुनाव में पहले चरण में कुल 67.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। ऐसे में पुनर्मतदान वाले बूथों पर अपेक्षाकृत अधिक मतदान राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वार्ड 87 में प्रमुख नेताओं ने संभाला मोर्चा

कोटा के वार्ड 87 में भाजपा की ओर से विधायक संदीप शर्मा, सहकार नेता नरेंद्र बिरला और विवेक राजवंशी सहित कई नेता सुबह से ही सक्रिय रहे। दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से शहर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम, पीसीसी सदस्य क्रांति तिवारी और महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम सहित पार्टी कार्यकर्ता मतदान केंद्र के आसपास मौजूद रहे। दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने में पूरी ताकत लगाई।

पूर्व विधायक की मतदान केंद्र से दूरी बनी चर्चा का विषय

वार्ड 87 में कोटा उत्तर के पूर्व विधायक का निवास क्षेत्र होने के बावजूद उनका पुनर्मतदान के दौरान सक्रिय रूप से नजर नहीं आना राजनीतिक चर्चा का विषय बना रहा। कांग्रेस नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता पूरी ताकत से चुनाव में लगे हुए थे, जबकि किसी बड़े नेता के नहीं आने के बारे में वही बता सकते हैं।

जोधपुर में 1025 में से 742 मतदाताओं ने डाला वोट

जोधपुर नगर निगम के वार्ड 50 के बूथ संख्या 338 पर पुनर्मतदान कराया गया। कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय सेक्टर-6 में बनाए गए इस मतदान केंद्र पर कुल 1025 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 742 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार बूथ पर 72.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

मूल मतदान की तुलना में 37 अधिक वोट पड़े

वार्ड 50 के इस बूथ पर पुनर्मतदान के दौरान मूल मतदान दिवस की तुलना में 37 अधिक मत पड़े। यह मूल मतदान के मुकाबले 3.41 प्रतिशत अधिक मतदान है। पुनर्मतदान के बाद अब इस बूथ के मतों की गिनती गुरुवार सुबह 8 बजे राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में की जाएगी।

सुबह से शाम तक लगातार बढ़ता गया मतदान

जोधपुर के बूथ संख्या 338 पर सुबह के समय मतदाताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह 10 बजे तक 237 मतदाता मतदान कर चुके थे, जो कुल मतदाताओं का 23.12 प्रतिशत था। दोपहर 1 बजे तक 431 मतदाताओं ने वोट डाला और मतदान प्रतिशत 42.05 तक पहुंच गया। दोपहर 3 बजे तक 542 मतदाता मतदान कर चुके थे और मतदान प्रतिशत 52.88 रहा। शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने तक कुल 742 मतदाताओं ने वोट डाला और मतदान प्रतिशत 72.39 दर्ज हुआ।

छह दिन बाद दोबारा मतदान, मतदाताओं में दिखी उत्सुकता

राज्य में नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण के तहत 11 सितंबर को वार्ड 50 में मतदान कराया गया था। बूथ संख्या 338 की ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतों की गणना नहीं हो सकी थी। इसी वजह से निर्वाचन आयोग के निर्देश पर छह दिन बाद बुधवार को दोबारा मतदान कराया गया। पुनर्मतदान को लेकर क्षेत्र के मतदाताओं में भी उत्सुकता दिखाई दी।

फर्जी दस्तावेज लेकर मतदान करने पहुंचे लोगों पर कार्रवाई

जोधपुर में पुनर्मतदान के दौरान कुछ संदिग्ध मतदाताओं को लेकर भी मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार पांच-छह लोग किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर मतदान करने का प्रयास करते पाए गए। दो युवक कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेकर मतदान करने पहुंचे, जिन्हें मुख्य द्वार पर जांच के दौरान पकड़ लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया। शाम को एक वृद्ध महिला भी कथित फर्जी दस्तावेज के साथ मतदान करने पहुंची, जिसे मतदान केंद्र से वापस भेज दिया गया।

57 मतों की बढ़त के बाद अब निर्णायक होगी पुनर्मतदान की गणना

वार्ड 50 में कांग्रेस, भाजपा और आरएलपी के अलावा दो निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। 14 सितंबर को आठ राउंड में मतगणना प्रस्तावित थी, लेकिन बूथ संख्या 338 की ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण अंतिम परिणाम जारी नहीं हो सका। उपलब्ध मतगणना में सात राउंड पूरे होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी युवराज सिंह 57 मतों से आगे बताए गए थे। अब पुनर्मतदान में पड़े मतों की गणना के बाद ही अंतिम परिणाम स्पष्ट होगा।

एक वार्ड तय करेगा कांग्रेस और भाजपा की कुल स्थिति

जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में से 99 वार्डों के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं। घोषित परिणामों में कांग्रेस और भाजपा के खाते में 44-44 वार्ड, आरएलपी के खाते में एक वार्ड और निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में 10 वार्ड आए हैं। अब वार्ड 50 का परिणाम दोनों प्रमुख दलों के बीच कुल सीटों की स्थिति को प्रभावित करेगा। पुनर्मतदान की मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि 100 वार्डों में किस दल के खाते में अधिक सीटें रहती हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुआ पुनर्मतदान

पुनर्मतदान वाले सभी मतदान केंद्रों पर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जोधपुर के बूथ और उसके आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रवीण कुमार की अगुवाई में सुरक्षा व्यवस्था संभाली गई। कोटा में भी विवाद की आशंका वाले मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया।

अब गुरुवार की मतगणना पर टिकी निगाहें

ईवीएम की तकनीकी खराबी के कारण रुके हुए परिणाम अब गुरुवार को मतगणना के बाद सामने आएंगे। जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के प्रभावित वार्डों के परिणाम सामने आने के बाद संबंधित निकायों में महापौर, अध्यक्ष, उप महापौर और उपाध्यक्ष पदों के निर्वाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राज्य निर्वाचन आयोग की औपचारिक घोषणा के बाद ही इन पदों के चुनाव की अंतिम तारीख और कार्यक्रम स्पष्ट होगा।

Pramukh Samvad

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