Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 29 सितम्बर।
राजस्थान में चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में प्रस्तावित पदों की संख्या को 600 से बढ़ाकर 2000 करने की माँग को लेकर चिकित्सकों का प्रतिनिधिमंडल मगंलवार को जयपुर में उच्च अधिकारियों से मिला। राजस्थान चिकित्सा अधिकारी संघर्ष समिति के तत्वावधान में अध्यक्ष डॉ. नरेश नागर के नेतृत्व में कोटा से गए चिकित्सकों के एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न जनप्रतिनिधियों और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी न्यायसंगत माँगों को मजबूती से रेखांकित किया।
अध्यक्ष डॉ. नरेश नागर के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं छबड़ा (बारां) विधायक प्रताप सिंह सिंघवी से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। विधायक सिंघवी ने चिकित्सकों की इस माँग को अत्यंत गंभीर एवं जनहित से जुड़ा हुआ मानते हुए इसका पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने अविलंब इस विषय में संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को आधिकारिक पत्र प्रेषित कर अग्रिम सकारात्मक कार्यवाही करने की सिफारिश की है।
इसके साथ ही, चिकित्सकों के इस प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ तथा पब्लिक एंड हेल्थ डायरेक्टर डॉ. रवि प्रकाश शर्मा से भी मुलाकात कर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र की परिस्थितियों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में वर्तमान में डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। चिकित्सा विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के अस्पतालों में चिकित्सा अधिकारी के लगभग 4000 पद रिक्त पड़े हैं। दूसरी ओर, राजस्थान मेडिकल काउंसिल में प्रतिवर्ष हजारों नए युवा डॉक्टर पंजीकृत हो रहे हैं।
संघर्ष समिति ने जोर देकर माँग की है कि आरयूएचएस चिकित्सा अधिकारी भर्ती के तहत पदों की संख्या को 600 से बढ़ाकर 2000 किया जाए, जिससे आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें और बेरोजगार युवा चिकित्सकों को रोजगार के अवसर प्राप्त हों। साथ ही, उन्होंने 13 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित परीक्षा तिथि में कोई बदलाव न करने तथा पूरी भर्ती प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराने का आग्रह किया है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर डॉ. विकास मिल्की, डॉ. कृष्णा उपाध्याय, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. कृष्ण बलदेव समेत लगभग 50 से अधिक चिकित्सकों की उपस्थिति रही। अध्यक्ष डॉ. नरेश नागर ने बताया कि प्रदेश के चिकित्सकों एवं आम जनता के हित में यह संघर्ष माँग पूरी होने तक आगे भी जारी रहेगा।
