शैक्षणिक अनियमिताओं और परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी के विरोध में एबीवीपी ने13 सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 2 फरवरी।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कोटा महानगर द्वारा कोटा विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अनियमितताओं, परीक्षा परिणामों में लगातार हो रही गड़बड़ियों तथा विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी के विरोध में 13 सूत्री मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।

महानगर मंत्री दीप्ती मेवाड़ा ने बताया कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों से प्रत्येक वर्ष कल्चर प्रोग्राम के नाम पर शुल्क लिया जाता है, लेकिन विगत दो–तीन वर्षों से विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षाओं के तुरंत बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया है।

उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को आयोजित दीक्षांत समारोह में वर्ष 2023 की डिग्रियां प्रदान की गई थीं, किंतु अब तक वे संबंधित महाविद्यालयों तक नहीं पहुंच पाई हैं। परिषद की मांग है कि डिग्रियां शीघ्र महाविद्यालयों में उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, यदि डिग्रियां समय पर उपलब्ध नहीं होती हैं तो विद्यार्थियों से आगामी 6 माह तक प्रोविजनल डिग्री के नाम पर कोई भी शुल्क न लिया जाए। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगले दो माह के भीतर डिग्रियां उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

तीसरी प्रमुख मांग के तहत कोटा विश्वविद्यालय के बी. फार्मेसी विभाग में 7वें सेमेस्टर की कक्षाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन पूर्व सेमेस्टर की मार्कशीट अब तक लंबित हैं। विश्वविद्यालय द्वारा अगले तीन दिनों में मार्कशीट वितरित करने का आश्वासन दिया गया है।

इसके अतिरिक्त एबीवीपी ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर वेटिंग रूम बनाए जाने, उसके भीतर हेल्प डेस्क स्थापित करने, विश्वविद्यालय से संबंधित सभी प्रकार की फीस का स्पष्ट चार्ट प्रदर्शित करने तथा आधुनिक शौचालय की व्यवस्था करने की मांग रखी। इस पर प्रशासन ने तत्काल कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया है।

परिषद ने बीए, बीएससी एवं बीकॉम द्वितीय सेमेस्टर के रिवोल्यूशन (पुनर्मूल्यांकन) के परिणाम शीघ्र जारी करने की मांग भी उठाई। साथ ही परीक्षा विभाग द्वारा फॉर्म सुधार एवं जांच के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेने के बावजूद कलेक्शन शुल्क के रूप में विद्यार्थियों से ₹100 अतिरिक्त वसूलने पर आपत्ति जताई। इस मांग पर विश्वविद्यालय ने उक्त अतिरिक्त शुल्क को समाप्त कर दिया है।

परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थियों द्वारा आरटीआई आवेदन करने पर प्रक्रिया में अत्यधिक विलंब होने की समस्या भी सामने रखी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में तय समय-सीमा के भीतर आरटीआई प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इसके साथ ही परीक्षा भवन में विद्यार्थी सहायता केंद्र खोले जाने तथा छात्रों के लिए पृथक व्यवस्था किए जाने की मांग रखी गई, जिसे विश्वविद्यालय द्वारा 7 दिनों के भीतर पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया है।

इस अवसर पर एबीवीपी कोटा महानगर इकाई अध्यक्ष रोहिताश मीणा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा में सभी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो एबीवीपी समस्त छात्र शक्ति के साथ उग्र प्रदर्शन एवं आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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