Written by : प्रमुख संवाद
कोटा,,15 फरवरी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर कोटा शहर में सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का प्रेरक दृश्य देखने को मिला। श्री पंचमुखी सोमेश्वर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य सामूहिक कन्या विवाह समारोह में 31 जोड़ों का वैदिक विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न कराया गया। धार्मिक आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक सहभागिता के अद्भुत संगम ने पूरे आयोजन को उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।

सात दिवसीय यज्ञ के समापन के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ, जिसमें सवा लाख मंत्रों की आहुतियां अर्पित की गईं। प्रातःकालीन मंगलाचार और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विद्वान पंडितों ने सभी जोड़ों का पूजन संपन्न कराया। दूल्हा-दुल्हनों को पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित किया गया, जिससे आयोजन स्थल पूर्णतः उत्सवमय और दिव्य वातावरण से आलोकित नजर आया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी उपस्थित होकर नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और समिति के इस सामाजिक प्रयास की सराहना की।


दोपहर में कन्याओं की सजी-धजी बग्गियों तथा दूल्हों की घोड़ियों पर भव्य बिंदोरी निकाली गई। बैंड-बाजों की मधुर धुन, पुष्पवर्षा और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच परिजन व समाजजन नाचते-गाते बारात के साथ आगे बढ़ते रहे। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने बारात का स्वागत कर नवयुगलों को शुभकामनाएं दीं, जिससे पूरा शहर उत्सव की भावना में रंगा दिखाई दिया।
निर्धारित शुभ मुहूर्त में 31 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और वैदिक मंत्रों के साथ वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। समिति द्वारा प्रत्येक नवदंपति को गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक घरेलू सामग्री, वस्त्र एवं उपयोगी उपहार भेंट किए गए, ताकि वे आत्मविश्वास और सम्मान के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत कर सकें। आयोजन की सफलता में समाज के विभिन्न वर्गों, दानदाताओं और स्वयंसेवकों का सक्रिय सहयोग उल्लेखनीय रहा।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशाल भंडारे में 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे दिन प्रसाद वितरण का क्रम सुव्यवस्थित रूप से चलता रहा। स्वयंसेवकों की समर्पित सेवा और अनुशासित प्रबंधन के चलते व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहीं। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस व प्रशासन का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि सामूहिक विवाह समारोह का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान करना, सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में सकारात्मक पहल करना तथा समाज में समरसता और एकता को सुदृढ़ करना है। महाशिवरात्रि जैसे पावन अवसर पर आयोजित यह आयोजन न केवल नवदंपतियों के जीवन में नई खुशियां लेकर आया, बल्कि पूरे समाज को सेवा और सहयोग का प्रेरक संदेश भी दे गया।
