भारत का एआई शंखनाद: ‘स्मार्ट इंडिया 2026’ से विश्व मंच पर मानवीय तकनीक का नेतृत्व

Written by: प्रमुख संवाद

नई दिल्ली, 16 फरवरी 2026।
राजधानी के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का शुभारंभ भारत की तकनीकी यात्रा में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ने जा रहा है। यह आयोजन केवल एक टेक्नोलॉजी एक्सपो नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

जब विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को औद्योगिक क्रांति के अगले चरण के रूप में देख रहा है, तब भारत इसे मानवीय संवेदना, समावेशी विकास और सामाजिक परिवर्तन के साधन के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का एआई दृष्टिकोण स्पष्ट है—तकनीक का लक्ष्य केवल दक्षता नहीं, बल्कि जन-सशक्तिकरण है।


प्रधानमंत्री का विज़न: कोडिंग के साथ करुणा

प्रधानमंत्री का मानना है कि एआई का वास्तविक मूल्य उसकी गणनात्मक शक्ति में नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता में है। इसी सोच के साथ ‘इंडिया एआई मिशन’ को आगे बढ़ाया गया है, जिसका उद्देश्य भारत को एआई तकनीक का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक मार्गदर्शक बनाना है।

₹10,000 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ भारत अपनी स्वदेशी कंप्यूटिंग क्षमता, उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय डेटा संसाधन और ‘फाउंडेशनल मॉडल्स’ विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। ‘BharatGen’ जैसे भारतीय भाषाओं पर आधारित मॉडल इस दिशा में मील का पत्थर हैं, जो देश की भाषाई विविधता को तकनीकी शक्ति में परिवर्तित करेंगे।


आयोजन की भव्यता और वैश्विक भागीदारी

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ लगभग 70,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में आयोजित हो रहा है, जिसमें:

  • 600 से अधिक भारतीय स्टार्टअप्स की भागीदारी
  • 2.5 लाख से अधिक आगंतुकों की संभावित उपस्थिति
  • 500 से अधिक सत्र और तकनीकी संवाद
  • 13 देशों के विशेष पवेलियन, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, फ्रांस, जर्मनी और यूके शामिल

यह आयोजन भारत को ‘ग्लोबल साउथ’ के एआई नेतृत्व केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


People, Planet और Progress: विकास की त्रिवेणी

एक्सपो की संरचना तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:

1. People (लोग)

एआई को शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास में समावेशी बनाना।
दूरदराज़ क्षेत्रों में एआई आधारित डायग्नोस्टिक टूल्स, भाषा अनुवाद प्लेटफॉर्म और डिजिटल स्किलिंग समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे।

2. Planet (ग्रह)

जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण और सतत कृषि के लिए एआई आधारित समाधान।
कृषि में स्मार्ट सेंसर, मौसम पूर्वानुमान और फसल प्रबंधन तकनीक किसानों को सटीक निर्णय लेने में सहायता दे रही हैं।

3. Progress (उन्नति)

उद्योग, विनिर्माण और डिजिटल अर्थव्यवस्था में उत्पादकता बढ़ाने हेतु एआई समाधान।
एमएसएमई सेक्टर के लिए लो-कॉस्ट एआई टूल्स को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।


कौशल विकास मंत्रालय की पहल: “एआई से रोजगार बढ़ेंगे”

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) का विशेष पवेलियन यह संदेश देगा कि एआई रोजगार का विकल्प नहीं, बल्कि रोजगार का विस्तार है।

मंत्रालय की रणनीति तीन आयामों पर केंद्रित है:

  • एआई में कौशल: युवाओं को मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और एआई टूल्स का प्रशिक्षण।
  • एआई के साथ कौशल: ‘स्किल इंडिया असिस्टेंट’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से करियर मार्गदर्शन।
  • एआई के लिए कौशल: परंपरागत कारीगरों, इलेक्ट्रिशियन, राजमिस्त्री और बुनकरों को एआई-सक्षम उपकरणों से जोड़ना।

आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में एआई साक्षरता को पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाने की दिशा में भी कार्य प्रगति पर है।


भारत के लिए एआई क्यों अनिवार्य?

भारत जैसे विशाल और विविध देश में एआई विलासिता नहीं, आवश्यकता है।

  • कृषि में जल और उर्वरक उपयोग का सटीक मार्गदर्शन
  • ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन और एआई आधारित स्वास्थ्य जांच
  • भाषाई विविधता को जोड़ने के लिए ‘भाषिणी’ जैसे प्लेटफॉर्म
  • छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल मार्केटिंग और उपभोक्ता विश्लेषण

भारत का लक्ष्य है कि एआई कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहे, बल्कि रेहड़ी-पटरी से लेकर स्टार्टअप तक हर उद्यमी की पहुंच में हो।


रणनीतिक लक्ष्य और कार्यान्वयन

दृष्टिकार्यान्वयन
स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग क्षमता18,000+ GPUs की स्थापना
भारतीय डेटा प्लेटफॉर्मभारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक संदर्भों पर आधारित डेटासेट
फाउंडेशनल मॉडल्स‘BharatGen’ जैसे स्वदेशी मॉडल
सामाजिक अनुप्रयोगस्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा में एआई समाधान
भविष्य का कौशलआईटीआई एवं स्कूलों में एआई साक्षरता
स्टार्टअप फंडिंगविशेष एआई फंड और मेंटरशिप कार्यक्रम
सुरक्षित एआई‘Safe & Trusted AI’ फ्रेमवर्क, डीपफेक और डेटा सुरक्षा पर नियंत्रण

तकनीक में मानवीय संवेदना

भारत की एआई यात्रा का मूल मंत्र है—“Technology with Trust.”
यह पहल सुनिश्चित करती है कि डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और नैतिक मानदंड सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहें।

भारत का यह मॉडल विश्व को यह संदेश देता है कि तकनीकी नेतृत्व केवल एल्गोरिद्म और कोड से नहीं, बल्कि मानव मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से स्थापित होता है।


‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ भारत के डिजिटल आत्मविश्वास का उद्घोष है। यह आयोजन सिद्ध करता है कि भारत का ‘डिजिटल इंडिया’ अब ‘स्मार्ट और संवेदनशील भारत’ में रूपांतरित हो चुका है।

यह केवल एआई का उत्सव नहीं, बल्कि उस विचार का उत्सव है जिसमें तकनीक का अंतिम उद्देश्य लोककल्याण है।

“प्रौद्योगिकी न केवल विकास का साधन है, बल्कि लोककल्याण का मार्ग है।”

भारत आज विश्व को यही संदेश देने जा रहा है। उपरोक्त मुद्दे पर डॉ. नयन प्रकाश गांधी ने अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण रखा।

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