राजस्थान में जल जीवन मिशन पर सियासी भूचाल: मंत्री किरोड़ी लाल का 20,000 करोड़ के कथित घोटाले का दावा

Written by : Sanjay kumar

जून 2023 से अब तक की पूरी कहानी

जयपुर,18 फरवरी । किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़ा कथित घोटाला एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है। वर्ष 2023 में शुरू हुए इस प्रकरण ने अब गिरफ्तारियों, विधानसभा बहस और जांच एजेंसियों की सक्रियता के कारण नया मोड़ ले लिया है।


जून 2023: अशोक नगर थाने से शुरू हुआ विवाद

20 जून 2023 को डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राजधानी जयपुर के अशोक नगर थाने में जल जीवन मिशन के टेंडरों में कथित अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। उनका आरोप था कि टेंडर प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं, जो राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम, 2012 के प्रावधानों का उल्लंघन है।

एफआईआर दर्ज न होने पर वे दो दिन तक धरने पर बैठे रहे। उस समय राज्य में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार थी। मीणा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि अधिनियम की धारा 17 का उल्लंघन हुआ है, तो धारा 41 के तहत 6 माह से 5 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

धरने के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ और तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी भी समर्थन देने पहुंचे थे। बाद में पुलिस ने किरोड़ी लाल मीणा को हिरासत में लिया, जिससे मामला और गरमा गया।


20,000 करोड़ का दावा और 930 करोड़ की जांच

किरोड़ी लाल मीणा ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि जल जीवन मिशन में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर जांच एजेंसियों ने जिन मामलों में कार्रवाई की है, उनमें अब तक लगभग 930 करोड़ रुपये से जुड़े टेंडरों में अनियमितताओं की जांच प्रमुख रूप से सामने आई है।

हाल के घटनाक्रम में जलदाय विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। कुछ पूर्व पदाधिकारी और एक पूर्व मंत्री जमानत पर बताए जा रहे हैं। (गिरफ्तार अधिकारियों के नामों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा की जाती है; अंतिम सूची जांच की प्रगति के अनुसार परिवर्तित हो सकती है।)


विधानसभा में गूंजा मामला

राजस्थान विधानसभा में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने सरकार से पूछा कि यदि 2023 में आरोप लगाए गए थे तो कार्रवाई में देरी क्यों हुई। वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि जांच प्रक्रिया साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ती है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

विधानसभा की कार्यवाही में यह भी उल्लेख किया गया कि जल जीवन मिशन केंद्र और राज्य की साझा वित्तीय योजना है, इसलिए वित्तीय अनुमोदन, तकनीकी स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया की बहु-स्तरीय जांच आवश्यक है।


जल जीवन मिशन: योजना और विवाद

जल जीवन मिशन की शुरुआत ग्रामीण घरों तक नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। राजस्थान जैसे जल-संकटग्रस्त राज्य में यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

लेकिन टेंडर प्रक्रिया, पाइपलाइन आपूर्ति, सामग्री की गुणवत्ता और कार्यादेशों में कथित गड़बड़ियों के आरोपों ने योजना की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का कहना है कि यदि व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं सिद्ध होती हैं, तो यह राज्य के इतिहास के बड़े आर्थिक घोटालों में शामिल हो सकता है।


जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आगे की दिशा

ताजा घटनाक्रम में पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और टेंडर फाइलों की गहन जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जून 2023 का धरना और वर्तमान गिरफ्तारियां आपस में जुड़ी कड़ियां हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि मामला अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है।



🆕 जनवरी–फ़रवरी 2026 में हुई ताज़ा गिरफ्तारियाँ और जांच

📌 1) ACB द्वारा 9 अधिकारियों की गिरफ्तारी (16–17 फ़रवरी 2026)

राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बहुचर्चित 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन घोटाले में व्यापक छापेमारी के बाद नौ (9) वरिष्ठ अधिकारियों और पूर्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार यह मामला लगभग ₹960 करोड़ के टेंडरों से जुड़ा है, जिनमें कथित फर्जी वर्क कम्पलीशन सर्टिफिकेट का इस्तेमाल हुआ — जिससे टेंडर मानदंडों का उल्लंघन हुआ।

🔹 गिरफ्तारी में शामिल अधिकारी :

  • दिनेश गोयल — वर्तमान पीएचईडी Chief Engineer (Administration)
  • के डी गुप्ता — वर्तमान पीएचईडी Chief Engineer (Rural)
  • सुभांशु दीक्षित — तत्कालीन Secretary (Rural Water Supply & Sanitation)
  • सुशील शर्माFinancial Advisor (Renewable Energy)
  • निरिल कुमारChief Engineer (Churu)
  • विशाल सक्सेनाSuspended Executive Engineer
  • अरुण श्रीवास्तवRetired Additional Chief Engineer
  • डी के गौरRetired Chief Engineer / Technical Member
  • महेंद्र प्रकाश सोनीRetired Superintending Engineer

📌 इन गिरफ्तारियों को ACB की करीब 18 टीमों द्वारा राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली आदि जगहों पर एकसाथ किए गए रेड के बाद अंजाम दिया गया।


📌 2) रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल भी ACB रडार में

ACB ने उच्च पदस्थ रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल सहित कई स्थानों पर रेड की है और उन्हें जांच में तलब किया है। हालांकि फ़िलहाल उनका गिरफ्तारी का आधिकारिक विवरण जारी नहीं हुआ, पर सूत्रों के अनुसार वे जाँच के “मुख्य संदिग्धों” की सूची में हैं।


🧑‍⚖️ 3) पहले दर्ज़ आरोपियों में प्रमुख नाम

🔹 पूर्व जलदाय मंत्री और अन्य आरोपियों की स्थिति

  • महेश जोशी — पूर्व जलदाय मंत्री, जिनके खिलाफ 900 करोड़ से अधिक के घोटाले में आरोप लगे थे; सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2025 में उन्हें जमानत दी है।

📍 इससे पहले इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके बेटे रोहित जोशी, ठेकेदारों जैसे महेश मित्तल, पदमचंद जैन आदि के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें कथित कमीशन और फर्जी दस्तावेजों के आरोप शामिल हैं।


🕵️‍♂️ 4) गिरफ्तारी के आगे संभावित नाम (जाँच में)

हाल के ACB बयान और विधानसभा में सरकारी घोषणाओं के अनुसार कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि भी जांच की सूची में हैं:

📍 206 अधिकारी/स्टाफ को संबंधित एजेंसियों ने जांच की श्रेणी में जोड़ा है। इनमें से:

  • 68 ऑफिसर्स को चार्जशीट
  • 23 अधिकारियों को निलंबित
  • 18 के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण नियमों के तहत कार्यवाही
  • कम से कम 12 गिरफ्तारियां (पूर्व मंत्री सहित)
    — जिसमें इंजीनियरों और अन्य तकनीकी अधिकारियों के साथ कुछ ठेकेदार भी शामिल हैं।

📌 सरकारी बयान में कहा गया है कि एक वरिष्ठ IAS अधिकारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, जिनके खिलाफ आगे कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है (नाम विधानसभा में गोपनीय रखा गया था)।


🔎 CBI की भूमिका (पिछले जांच चरण)

जहां ACB राजस्थान में मुख्य जांच कर रहा है, वहीं आईएएस/सीबीआई ने भी पिछले वर्ष से इस मामले में अलग-अलग केस दर्ज किए हैं, विशेषतः बड़े गड़बड़ी के आरोपों पर।


🆕 ताज़ा गिरफ्तारी सारांश

✔️ 9 वरिष्ठ अधिकारी गिरफ्तार — पीएचईडी से सीधे जुड़े हैं।
✔️ सुबोध अग्रवाल (रिटायर्ड IAS) शीर्ष संदिग्धों में — जाँच में है।
✔️ पूर्व मंत्री महेश जोशी को जमानत मिली — पर मामला जारी है।
✔️ और संभावित गिरफ्तारियाँ — अधिकारियों, ठेकेदारों और दलालों की सूची में हैं; ACB/ED/CBI की कार्यवाही जारी।


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