गूगल प्ले स्टोर पर लॉन्च हुआ ‘Sarvam AI’: भारतीय भाषाओं, ऑफलाइन क्षमता और सॉवरेन AI विज़न के साथ वैश्विक मॉडलों को चुनौती

Story Written by : Sanjay kumar

नई दिल्ली, 21 फरवरी। भारत के कृत्रिम बुद्धिमत्ता परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI ने अपने देसी एआई एजेंट को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है, जो अब Google Play Store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। कंपनी का दावा है कि यह एआई टूल भारतीय भाषाओं, स्थानीय सांस्कृतिक संदर्भों और सीमित इंटरनेट परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, और कई विशिष्ट मामलों में ChatGPT तथा Google Gemini जैसे वैश्विक मॉडलों को टक्कर दे सकता है।

AI Impact Summit से लेकर आम यूजर तक

Sarvam AI को नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान प्रस्तुत किया गया। यह लॉन्च केवल एक तकनीकी घोषणा नहीं, बल्कि भारत की “सॉवरेन AI” दिशा में बढ़ते कदम का संकेत माना जा रहा है। कंपनी का विज़न है कि भारत केवल विदेशी एआई तकनीकों का उपयोगकर्ता न रहे, बल्कि अपनी भाषाई और सामाजिक विविधता के अनुरूप स्वयं के मॉडल विकसित करे।

अब Sarvam AI आम उपयोगकर्ताओं के लिए Google Play Store पर उपलब्ध है। प्ले स्टोर पर “Indus by Sarvam” सर्च कर ऐप इंस्टॉल किया जा सकता है। इंस्टॉलेशन के बाद मोबाइल नंबर और OTP के माध्यम से सत्यापन करना होता है। हालांकि, फिलहाल यह चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन के बाद उपयोगकर्ताओं को वेटिंग नंबर दिया जा रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि एक्सेस किस क्रम में सक्रिय होगा। वेब वर्जन के लिए भी अलग पंजीकरण प्रक्रिया उपलब्ध है।

Sarvam Edge: ऑन-डिवाइस AI की वास्तविक ताकत

Sarvam AI की सबसे बड़ी विशेषता उसका ऑन-डिवाइस मॉडल, Sarvam Edge है। सामान्यतः बड़े एआई मॉडल क्लाउड सर्वर पर चलते हैं, जहां हर प्रश्न या कमांड इंटरनेट के माध्यम से डेटा सेंटर तक पहुंचता है। इसके विपरीत, Sarvam Edge कई कार्य सीधे मोबाइल या लैपटॉप के भीतर प्रोसेस कर सकता है। इसका अर्थ है कि उपयोगकर्ता बिना स्थिर इंटरनेट के भी एआई सुविधाओं का लाभ उठा सकता है।

भारत जैसे देश में, जहां ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में इंटरनेट अब भी असमान रूप से उपलब्ध है, यह दृष्टिकोण अत्यंत व्यावहारिक माना जा रहा है। कम कंप्यूटिंग पावर में कार्य करने की क्षमता और स्लो इंटरनेट पर भी उपयोग की सुविधा इसे जमीनी स्तर पर उपयोगी बनाती है।

भारतीय भाषाओं और संस्कृति पर विशेष फोकस

Sarvam AI को विशेष रूप से भारतीय भाषाओं की बारीकियों, मुहावरों और मिश्रित भाषा (जैसे हिंग्लिश) को समझने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह हिंदी सहित अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में पूछे गए प्रश्नों को सटीकता से समझ सकता है। यह केवल अनुवाद करने वाला टूल नहीं, बल्कि भाषा के सांस्कृतिक संदर्भ को भी ध्यान में रखकर उत्तर देने वाला एआई एजेंट बनने की दिशा में विकसित किया गया है।

इसके अतिरिक्त, दस्तावेज़ समझने, OCR आधारित टेक्स्ट रीडिंग, पुराने दस्तावेज़ों के विश्लेषण और स्थानीय कंटेंट प्रोसेसिंग जैसे कार्यों में बेहतर प्रदर्शन का दावा किया गया है। विशेषकर भारतीय भाषाओं में लिखे दस्तावेजों के संदर्भ में यह स्वयं को अधिक अनुकूल बताता है।

डेटा प्राइवेसी और सॉवरेन AI का दृष्टिकोण

Sarvam AI का एक प्रमुख संदेश “डेटा संप्रभुता” से जुड़ा है। ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग के कारण कई कार्यों में उपयोगकर्ता का डेटा क्लाउड सर्वर पर भेजने की आवश्यकता कम हो जाती है। इससे डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को बढ़ावा मिलता है। यह पहल भारत की डिजिटल आत्मनिर्भरता की व्यापक नीति के अनुरूप मानी जा रही है।

हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि ऑन-डिवाइस मॉडल की अपनी सीमाएं होती हैं। कमजोर हार्डवेयर वाले उपकरणों में प्रदर्शन और बैटरी खपत प्रभावित हो सकती है। इसलिए यह मॉडल अत्यधिक जटिल और भारी एआई कार्यों की बजाय व्यावहारिक, रोजमर्रा के उपयोग पर अधिक केंद्रित है।

ChatGPT से तुलना: क्षमता बनाम प्रासंगिकता

ChatGPT एक विशाल क्लाउड-आधारित भाषा मॉडल है, जो जटिल तर्क, लंबी बातचीत, कोडिंग और शोध-स्तरीय विश्लेषण में सक्षम है। इसकी ताकत व्यापक ज्ञान और गहन समझ में निहित है। Sarvam AI की तुलना में ChatGPT का पैमाना और संसाधन कहीं अधिक बड़े हैं।

हालांकि, Sarvam का तर्क यह है कि भारतीय भाषाओं और स्थानीय उपयोग-केस में, विशेष रूप से ऑफलाइन या लो-इंटरनेट स्थितियों में, उसका मॉडल अधिक व्यावहारिक साबित हो सकता है। इसलिए यह तुलना सीधी प्रतिस्पर्धा की बजाय उपयोग-क्षेत्र के अंतर के रूप में देखी जानी चाहिए।

Google Gemini से अंतर: स्केल, मल्टीमॉडल क्षमता और लक्ष्य

Google Gemini एक मल्टीमॉडल एआई सिस्टम है, जो टेक्स्ट, इमेज और अन्य प्रकार के इनपुट को एक साथ समझने में सक्षम है। यह बड़े डेटा सेंटर और वैश्विक स्केल पर संचालित होता है। एंटरप्राइज स्तर और उच्च स्तरीय उपयोग के लिए इसे डिज़ाइन किया गया है।

Sarvam AI का दृष्टिकोण इससे भिन्न है। इसका लक्ष्य जमीनी स्तर के उपयोगकर्ता हैं—विशेष रूप से वे लोग जो स्थानीय भाषा में डिजिटल सेवाओं का उपयोग करना चाहते हैं और जिनके पास हर समय तेज इंटरनेट उपलब्ध नहीं है। यदि Sarvam अपने घोषित प्रदर्शन को बड़े पैमाने पर सिद्ध करता है, तो यह अपने लक्ष्य क्षेत्र में प्रभावी विकल्प बन सकता है।

शुरुआती प्रतिक्रिया और बढ़ती मांग

Sarvam AI को लॉन्च के तुरंत बाद उल्लेखनीय प्रतिक्रिया मिली है। हजारों उपयोगकर्ता पहले ही रजिस्ट्रेशन सूची में शामिल हो चुके हैं और यह संख्या निरंतर बढ़ रही है। नीति आयोग के पूर्व CEO अमिताभ कांत और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक द्वारा इसकी सराहना ने इसे अतिरिक्त विश्वसनीयता प्रदान की है।

हालांकि, कंपनी स्वयं भी यह स्वीकार करती है कि व्यापक स्तर पर व्यावसायिक उपलब्धता और वास्तविक उपयोग के बाद ही इसकी पूर्ण क्षमता का आकलन संभव होगा।

निष्कर्ष: टक्कर से आगे, एक अलग दिशा की पहल

Sarvam AI को सीधे ChatGPT या Google Gemini का विकल्प कहना शायद जल्दबाजी होगी, लेकिन इसे भारत की AI आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम अवश्य कहा जा सकता है। इसकी वास्तविक ताकत भारतीय भाषाओं, सांस्कृतिक संदर्भों, ऑफलाइन उपयोग और डेटा संप्रभुता के दृष्टिकोण में निहित है।

यदि यह मॉडल अपने दावों के अनुरूप प्रदर्शन करता है और व्यापक उपयोग में स्थिर साबित होता है, तो यह भारत के डिजिटल भविष्य में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि Sarvam AI ने भारतीय AI पारिस्थितिकी तंत्र में नई उम्मीद और नई प्रतिस्पर्धा की शुरुआत कर दी है।

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