Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 7 जुलाई। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित शहरी सेवा शिविर लोगों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभर रहे हैं। मंगलवार को नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कोटा विकास प्राधिकरण एवं नगर निगम द्वारा आयोजित शहरी सेवा शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के काउंटरों का अवलोकन कर अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों, उनके निस्तारण और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने शिविर में पहुंचे नागरिकों से भी संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को प्रत्येक पात्र व्यक्ति को न्यूनतम समय में अधिकतम राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सेवा, सुशासन और पारदर्शिता को मिल रहा नया आयाम
राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन के संकल्प और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। शहरी सेवा शिविरों का उद्देश्य गरीब, मध्यमवर्गीय और जरूरतमंद परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सभी आवेदनों की ऑनलाइन डेटा एंट्री और नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गति आई है। जिन मामलों का नियमानुसार निस्तारण संभव नहीं है, उनकी जानकारी भी संबंधित आवेदकों को स्पष्ट रूप से दी जा रही है।
अधिक से अधिक नागरिक उठाएं शिविरों का लाभ
मंत्री ने कहा कि शहरी सेवा शिविर केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनसेवा का व्यापक अभियान हैं। उन्होंने नागरिकों से इन शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाने और अन्य लोगों को भी इनके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने भी शिविर का निरीक्षण कर आमजन से संवाद किया और कहा कि विभागीय अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लोगों को राहत प्रदान कर रहे हैं तथा लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
समयबद्ध निस्तारण से बढ़ा लोगों का विश्वास
कोटा विकास प्राधिकरण के आयुक्त बचनेश अग्रवाल ने बताया कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है तथा प्रतिदिन लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि आवेदन भरने में असमर्थ नागरिकों की सहायता के लिए प्रत्येक काउंटर पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि शिविरों में यूडी टैक्स, भवन निर्माण अनुमति, फायर एनओसी, प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त स्वीकृति, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीकरण, ट्रेड लाइसेंस सहित अनेक नागरिक सेवाओं से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण किया जा रहा है।
लाभार्थियों को वितरित किए स्वीकृति पत्र, महिलाओं के प्रयासों की सराहना
निरीक्षण के दौरान मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पट्टे, फ्रीहोल्ड स्वीकृति पत्र, भवन निर्माण अनुमति, प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त स्वीकृति, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के ऋण स्वीकृति पत्र, सांकेतिक चेक, विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र, ट्रेड लाइसेंस, फायर एनओसी तथा अन्य स्वीकृति पत्र वितरित किए। नगर निगम परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन करते हुए मंत्री ने महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में कोटा विकास प्राधिकरण के सचिव मुकेश चौधरी, केडीए उपायुक्त अनिल सिंघल, नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा, पूर्व महापौर राजीव अग्रवाल, पूर्व उपमहापौर सुनीता व्यास सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
