Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 8 जुलाई। मरीजों के लिए भगवान का दर्जा पाने वाले चिकित्सा पेशे की साख पर फर्जी प्रमाणपत्रों के एक बड़े नेटवर्क ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विदेश से एमबीबीएस करने वाले चिकित्सकों के नाम पर सामने आए इस कथित फर्जीवाड़े की जांच में राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 26 चिकित्सक, फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराने वाले गिरोह के तीन सदस्य तथा राजस्थान मेडिकल काउंसिल के पूर्व पंजीयक डॉ. राजेश शर्मा शामिल हैं।
एसओजी की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
जांच एजेंसी के अनुसार विदेश से एमबीबीएस करने वाले करीब आठ हजार चिकित्सक उसके रडार पर हैं। अब तक 100 से अधिक संदिग्ध मामलों की पहचान की जा चुकी है। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों ने अनिवार्य विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) उत्तीर्ण किए बिना फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करवाकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण हासिल किया। इसके बाद उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी पूरी की और कई चिकित्सक वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं।
ताजा कार्रवाई में डीग निवासी चरण सिंह को गिरफ्तार किया गया।
जांच के अनुसार उसने कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने के बाद कई बार एफएमजीई परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं होने पर कथित रूप से 24 लाख रुपये देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया। इसी आधार पर आरएमसी में पंजीकरण कराया और धौलपुर मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप भी पूरी की।
जांच में देशव्यापी नेटवर्क के संकेत मिले हैं।
एसओजी के अनुसार प्रारंभिक जांच में ऐसे गिरोह के सक्रिय होने के संकेत हैं, जो 20 से 25 लाख रुपये लेकर फर्जी एफएमजीई प्रमाणपत्र उपलब्ध कराता था। जांच एजेंसी विशेष रूप से कजाकिस्तान, जॉर्जिया, रूस, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और चीन से एमबीबीएस करने वाले उन अभ्यर्थियों के मामलों की पड़ताल कर रही है, जो एफएमजीई में कई बार असफल रहे थे।
एसओजी अधिकारियों का कहना है
विदेश से एमबीबीएस करने वाले विद्यार्थियों के लिए भारत में चिकित्सकीय प्रैक्टिस से पहले एफएमजीई परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। जांच का उद्देश्य फर्जी प्रमाणपत्रों के माध्यम से पंजीकरण कराने वाले व्यक्तियों और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है। मामले की विस्तृत जांच जारी है अभी भी हजारों की संख्या में विदेश से एमबीबीएस करके आने वाले डॉक्टर रडार पर हैं जल्दी ही इनमें से भी कई लोगों की गिरफ्तारियां हो सकती है।
