जनसहयोग से मृतक प्रसूताओं के परिवारों को मिली राहत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सौंपे 5-5 लाख रुपये के सहायता चेक

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 11 जुलाई।

मृतक प्रसूताओं के परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में शनिवार को एक संवेदनशील पहल की गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में पांच मृतक प्रसूताओं के परिजनों को जनसहयोग से एकत्र की गई 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए। इस दौरान उन्होंने परिवारों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया और भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में समाज, सरकार और प्रशासन उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ने मृतका पायल के पति पवन मालवी, ज्योति वर्मा के पति रवि नायक, पिंकी के पति चन्द्र प्रकाश, शिरिन के पति मोहम्मद आशु तथा प्रिया महावर के पति रोहित महावर को पांच-पांच लाख रुपये के सहायता चेक सौंपे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर दुधमुंहे बच्चों की देखभाल और परिवार की वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी भी ली।

बिरला ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने घर की मातृशक्ति को खोया है, उन्हें इस कठिन समय में आर्थिक और सामाजिक संबल मिलना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जनसहयोग के माध्यम से प्रत्येक परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि आगे भी इन परिवारों के दुधमुंहे बच्चों के लालन-पालन, बेहतर शिक्षा तथा पात्रतानुसार केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा समाज इन परिवारों के साथ खड़ा है और हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों को आत्मबल और विश्वास देने का भी प्रयास है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से इस पुनीत कार्य के लिए एएसआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड, गोयल प्रोटीन्स लिमिटेड, एलन करियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड, सीएफसीएल लिमिटेड तथा इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी ने प्रत्येक परिवार के लिए पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।

कार्यक्रम में लाडपुरा विधायक कल्पना देवी, जिला कलक्टर पीयूष समारिया, सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मृतक प्रसूताओं के परिजन तथा जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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