Truecaller पर सरकार का बड़ा एक्शन! बंद होगी सभी कॉलर आईडी ऐप्स? TRAI की सिफारिश से मचा हड़कंप

Written by : Sanjay kumar

नई दिल्ली, 10 जुलाई। अगर आप भी अनजान नंबर की पहचान करने के लिए Truecaller जैसे कॉलर आईडी ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। देश में पहली बार इन ऐप्स के कामकाज को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) से Truecaller जैसे कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आवश्यक अधिकार और मंजूरी मांगी है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो आने वाले समय में ऐसे ऐप्स के लिए नए और सख्त नियम लागू हो सकते हैं। इससे करोड़ों भारतीय यूजर्स पर भी सीधा असर पड़ सकता है।

क्या है पूरा मामला, आखिर TRAI क्यों हुआ सख्त?

TRAI का कहना है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ओर से ग्राहकों को भेजे जाने वाले फ्रॉड अलर्ट, ट्रांजैक्शन वेरिफिकेशन, केवाईसी अपडेट और अन्य महत्वपूर्ण सेवा संबंधी कॉल के लिए सरकार ने 1600 नंबर सीरीज निर्धारित की है। लेकिन शिकायतें मिली हैं कि Truecaller जैसे कुछ कॉलर आईडी ऐप इन आधिकारिक नंबरों को भी कई बार ‘स्पैम’ के रूप में दिखा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि ग्राहक इन कॉल्स को फर्जी समझकर उठाते ही नहीं, जबकि कई बार यही कॉल उनके बैंक खाते की सुरक्षा या जरूरी लेन-देन से जुड़ी होती हैं।

बैंकों की शिकायत के बाद बढ़ी सरकार की चिंता

सूत्रों के मुताबिक, कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने TRAI को बताया कि उनकी अधिकृत कॉल स्पैम के रूप में दिखाई जा रही हैं। इससे ग्राहकों तक जरूरी सूचना समय पर नहीं पहुंच पा रही है। TRAI का कहना है कि उसने पहले भी संबंधित प्लेटफॉर्म को 1600 सीरीज के नंबरों को स्पैम के रूप में टैग नहीं करने की सलाह दी थी, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद अब नियामक ने मामले में सरकार के हस्तक्षेप की मांग की है।

क्या बदल सकते हैं नियम?

TRAI का मानना है कि भारत में सेवाएं देने वाले सभी इंटरनेट आधारित प्लेटफॉर्म को देश के आईटी कानूनों और नियामकीय नियमों का पालन करना चाहिए। यदि केंद्र सरकार सहमति देती है, तो TRAI को ऐसे प्लेटफॉर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के अधिकार मिल सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि Truecaller पर तुरंत प्रतिबंध लग जाएगा, लेकिन उसके काम करने के तरीके और नियमों में बड़े बदलाव संभव हैं। जरूरत पड़ने पर MeitY और दूरसंचार विभाग (DoT) भी कार्रवाई कर सकते हैं।

Truecaller ने क्या कहा?

Truecaller के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋषित झुनझुनवाला ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका कहना है कि कंपनी ने 140 और 1600 सीरीज के नंबरों को व्हाइटलिस्ट करने संबंधी TRAI के निर्देशों का पालन किया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इंटरनेट आधारित ऐप्स को इस तरह के निर्देश देने का अधिकार TRAI के पास है। साथ ही उनका दावा है कि 140 और 1600 नंबर सीरीज शुरू होने के बाद इन्हीं नंबरों के माध्यम से स्पैम कॉल्स में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

करोड़ों यूजर्स की नजर अब सरकार के फैसले पर

देश में करोड़ों लोग हर दिन Truecaller जैसे ऐप्स के जरिए कॉल पहचानते हैं। ऐसे में सरकार का अगला फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि नए नियम लागू होते हैं, तो कॉलर आईडी ऐप्स के संचालन, स्पैम टैगिंग और आधिकारिक कॉल की पहचान करने के तरीके में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सरकार की ओर से अंतिम निर्णय आना बाकी है, लेकिन इतना तय है कि Truecaller और इसी तरह के अन्य कॉलर आईडी ऐप्स पर नियामकीय निगरानी पहले से कहीं अधिक सख्त हो सकती है।

Pramukh Samvad

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