SET से पीएचडी की राह होगी आसान, 15 जुलाई तक करें आवेदन: प्रो. बी.पी. सारस्वत

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 10 जुलाई। राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (SET-2026) प्रदेश के युवाओं के लिए अब केवल सहायक प्रोफेसर बनने का माध्यम नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में पीएचडी में प्रवेश का नया रास्ता भी खोल सकती है। कोटा विश्वविद्यालय ने राज्य सरकार को सेट को पीएचडी प्रवेश के लिए मान्यता देने का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर राज्य के हजारों अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) की तर्ज पर शोध एवं उच्च शिक्षा में प्रवेश का अवसर मिल सकेगा।
कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राजस्थान सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), नई दिल्ली को पत्र भेजकर सेट को पीएचडी प्रवेश के लिए मान्यता प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पीएचडी में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। यदि सेट को भी यह मान्यता मिलती है तो प्रदेश के विद्यार्थियों को शोध एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे और उन्हें राष्ट्रीय स्तर के समान लाभ मिल सकेगा।

प्रो. सारस्वत ने कहा कि सेट-2026 का पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली एवं मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह यूजीसी-नेट के मानकों के अनुरूप तैयार की गई है। इससे अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा जैसी तैयारी का अवसर मिलेगा और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता आधारित चयन प्रणाली को मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सेट को पीएचडी के लिए मान्यता मिलने से राज्य में शोध संस्कृति को भी नया आयाम मिलेगा।

उन्होंने अभ्यर्थियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि सेट-2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई है। अंतिम दिनों में तकनीकी व्यस्तता या सर्वर लोड जैसी संभावित समस्याओं से बचने के लिए अभ्यर्थी समय रहते अपना आवेदन अवश्य पूरा कर लें। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं और अभ्यर्थी कोटा विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट तथा एसएसओ पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
कुलगुरु ने बताया कि परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर 2026 को किया जाएगा। आवेदन शुल्क सामान्य एवं ओबीसी (क्रीमीलेयर) वर्ग के लिए 1500 रुपये, ओबीसी (नॉन-क्रीमीलेयर) एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 1200 रुपये तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग वर्ग के लिए 750 रुपये निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष SET-2026 में जनसंचार एवं पत्रकारिता तथा संस्कृत (पारंपरिक) विषयों को पहली बार शामिल किया गया है। इसके साथ ही परीक्षा अब 37 विषयों में आयोजित होगी।
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार इस वर्ष SET-2026 के आयोजन की जिम्मेदारी कोटा विश्वविद्यालय को सौंपी गई है। वर्ष 2023 के बाद आयोजित हो रही यह परीक्षा राज्य के राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर पद के लिए पात्रता निर्धारित करेगी। यदि यूजीसी से SET को पीएचडी प्रवेश की मान्यता मिलती है, तो यह परीक्षा प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के साथ-साथ शोध और अकादमिक करियर की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी।

Pramukh Samvad

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