Written by : Sanjay kumar
अजमेर, 10 जुलाई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को अजमेर में बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) के सीनियर डीजीएम एवं यूनिट हेड अंजय विश्वकर्मा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से रीको महकमे में हड़कंप मच गया। खास बात यह है कि आरोपी अधिकारी 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन रिटायरमेंट से महज 21 दिन पहले ही रिश्वतखोरी के आरोप में एसीबी के शिकंजे में आ गए।
पट्टा जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत
एसीबी के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने ब्यावर क्षेत्र में एक लीज डीड (पट्टा) जारी करने के बदले परिवादी से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। परिवादी रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने जयपुर स्थित एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।
जाल बिछाकर रंगे हाथ दबोचा
योजना के तहत एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
ब्यावर में भी एसीबी की दूसरी बड़ी कार्रवाई
इसी अभियान के दौरान एसीबी ने ब्यावर में भी रीको के जूनियर असिस्टेंट कमलेश को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने भी लीज डीड से जुड़े कार्य के बदले रिश्वत की मांग की थी। दोनों मामलों में शिकायतों का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
रिटायरमेंट से पहले दागदार हुआ करियर
जानकारी के अनुसार, अंजय विश्वकर्मा की मूल पोस्टिंग किशनगढ़ में थी, जबकि उनके पास अजमेर रीको कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी था। 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने से पहले रिश्वत लेते गिरफ्तार होने की घटना पूरे प्रशासनिक महकमे में चर्चा का विषय बनी हुई है।
