Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 12 जुलाई। हाड़ौती सर्जिकल सोसायटी द्वारा आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम में कैंसर विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के कारण कैंसर अब पहले की तरह लाइलाज बीमारी नहीं रह गई है। समय पर जांच और सही उपचार से अधिकांश मरीज स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकते हैं।
सीके बिरला हॉस्पिटल, जयपुर के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. असीम सामर ने कहा कि टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और नई दवाओं ने कैंसर उपचार में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. रूचिर भंडारी ने कहा कि धूम्रपान, तंबाकू, शराब, मोटापा, निष्क्रिय जीवनशैली और पर्यावरण प्रदूषण कैंसर के प्रमुख जोखिम कारक हैं। उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिनेश जिंदल ने किया। इस अवसर पर हाड़ौती सर्जिकल सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा, सचिव डॉ. दिनेश जिंदल सहित बड़ी संख्या में सर्जन एवं चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
