Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 14 जुलाई। राजस्थान में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और अपराधियों पर निर्णायक शिकंजा कसने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को पुलिस एवं गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री बेहद सख्त तेवर में नजर आए और स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी प्रभावी कार्रवाई की जाए जिससे अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और आम जनता खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे।
अपराध होने पर सीधे आईजी और एसपी होंगे जिम्मेदार
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब राज्य के किसी भी जिले में गंभीर अपराध होने पर संबंधित रेंज आईजी और जिला पुलिस अधीक्षक की जवाबदेही तय होगी। यदि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों की पूरी सप्लाई चेन पर होगा वार
मुख्यमंत्री ने पुलिस को केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहने, बल्कि अवैध हथियारों की सप्लाई करने वालों, गैंग संचालकों और उनके आर्थिक नेटवर्क तक पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध की जड़ों को खत्म करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सोशल मीडिया और गैंग संस्कृति पर भी सख्त नजर
बैठक में सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग पर भी चिंता जताई गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गैंगस्टरों का महिमामंडन करने वाले, हथियारों का प्रदर्शन करने वाले तथा अपराधियों को बढ़ावा देने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कड़ी निगरानी रखी जाए। ऐसे युवाओं की पहचान कर उनके अभिभावकों से संवाद और आवश्यक काउंसलिंग भी कराई जाएगी।
नशा तस्करों, भू-माफियाओं और साइबर अपराधियों पर विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एनडीपीएस मामलों में केवल गिरफ्तारी ही नहीं बल्कि नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों को जब्त और ध्वस्त करने की कार्रवाई भी तेज की जाए। इसके साथ ही भू-माफियाओं द्वारा सरकारी एवं चरागाह भूमि पर किए गए अतिक्रमण को तत्काल हटाने और दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए साइबर पेट्रोलिंग को मजबूत करने और हर स्तर पर दक्ष कार्मिक तैनात करने के आदेश भी दिए गए।
महिला एवं बाल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में त्वरित अनुसंधान कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण तथा हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट से जुड़े प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
पुलिस और जनता के बीच बढ़ेगा विश्वास
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (सीएलजी) की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने, पुलिस थानों में फरियादियों की सुनवाई की गुणवत्ता सुधारने तथा प्रभावी फीडबैक सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध पर नियंत्रण तभी संभव है जब जनता का पुलिस पर विश्वास और अपराधियों में कानून का भय दोनों मजबूत हों।
हालिया घटनाओं पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं पर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया। वहीं उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र में चरागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण के मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी रेंज आईजी एवं जिला पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ अब और अधिक सख्त, प्रभावी तथा जवाबदेह पुलिस व्यवस्था लागू की जाएगी।
