Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 15 जुलाई। राजकीय महाविद्यालय, कोटा में विद्यार्थियों की लंबे समय से जुड़ी भावनाओं का सम्मान करते हुए स्वामी विवेकानंद की नई एवं आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर दी गई है। पूर्व में महाविद्यालय परिसर में लगी प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने महाविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सात दिवस के भीतर नई प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी। परिषद की इस मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महाविद्यालय प्रशासन ने निर्धारित समय सीमा में नई प्रतिमा स्थापित कर विद्यार्थियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया।

नई प्रतिमा की स्थापना के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने महाविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे विद्यार्थियों की भावनाओं और महापुरुषों के सम्मान से जुड़ा सराहनीय निर्णय बताया। परिषद का कहना है कि स्वामी विवेकानंद केवल एक महापुरुष नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। उनके विचार आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा, चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। महाविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी रहेगी।
अभाविप कोटा महानगर मंत्री दीप्ति मेवाड़ा ने कहा कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद परिषद ने महाविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर सात दिनों के भीतर नई प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि प्रशासन ने विद्यार्थियों की भावनाओं को समझते हुए मांग को गंभीरता से लिया और तय समय में नई प्रतिमा स्थापित कराई। इसके लिए परिषद महाविद्यालय प्रशासन का हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी प्रशासन छात्रहित और महापुरुषों के सम्मान से जुड़े विषयों पर इसी संवेदनशीलता के साथ कार्य करता रहेगा।
अभाविप राजकीय कला महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष ऋतिक नकवाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के लिए राष्ट्रभक्ति, व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण के सर्वोच्च प्रेरणास्रोत हैं। नई प्रतिमा की स्थापना से विद्यार्थियों की भावनाओं का सम्मान हुआ है और महाविद्यालय परिसर का प्रेरणादायी वातावरण भी सुदृढ़ हुआ है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव सकारात्मक संवाद और रचनात्मक प्रयासों के माध्यम से छात्रहित एवं महापुरुषों के सम्मान के लिए कार्य करती रही है। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा समयबद्ध रूप से मांग पूरी करना स्वागतयोग्य कदम है, जिसके लिए परिषद ने पुनः धन्यवाद ज्ञापित किया।
