Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 18 जुलाई। क्षेत्रीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गांडीव डिवीजन द्वारा शनिवार को कोटा मिलिट्री स्टेशन पर उच्चस्तरीय सिविल-मिलिट्री फ्यूजन बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य नागरिक एवं सैन्य एजेंसियों के बीच संस्थागत समन्वय को मजबूत करना तथा वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए साझा कार्ययोजना तैयार करना रहा।
वरिष्ठ अधिकारियों ने की सहभागिता
बैठक में जिला प्रशासन, राजस्थान पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), नागरिक उड्डयन विभाग तथा रावतभाटा परमाणु ऊर्जा संयंत्र (आरएनपीपी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से आरएनपीपी के निदेशक, जिला कलेक्टर कोटा, अतिरिक्त आयुक्त (नारकोटिक्स) कोटा, पुलिस अधीक्षक कोटा, एयरपोर्ट निदेशक कोटा, सीआईएसएफ के उप कमांडेंट तथा एनडीआरएफ की 6वीं बटालियन के उप कमांडेंट उपस्थित रहे।
आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर दिया गया जोर
बैठक को संबोधित करते हुए गांडीव डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) ने वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य में नागरिक और सैन्य एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संदिग्ध ड्रोन गतिविधियां, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु (सीबीआरएन) खतरे, साइबर हमले, आपदा प्रबंधन तथा महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी एजेंसियों के बीच त्वरित सूचना साझा करना और एकीकृत प्रतिक्रिया तंत्र अत्यंत आवश्यक है।
मॉक अभ्यास और संयुक्त प्रशिक्षण की समीक्षा
बैठक में रावतभाटा परमाणु ऊर्जा संयंत्र में आयोजित ऑफ-साइट इमरजेंसी मॉक अभ्यास तथा सीआईएसएफ और राजस्थान पुलिस के साथ चल रहे संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इन अभ्यासों को विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, परिचालन क्षमता और आपसी तालमेल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया गया।
साइबर अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी पर चर्चा
पुलिस अधीक्षक कोटा ने हाल के साइबर ठगी के मामलों के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए क्षेत्र में उभर रहे साइबर अपराधों की प्रवृत्तियों की जानकारी दी। वहीं अतिरिक्त आयुक्त (नारकोटिक्स) ने मादक पदार्थों की तस्करी के बदलते तरीकों और वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न एजेंसियों के बीच खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
रावतभाटा मार्ग चौड़ीकरण और स्टेशन रोड फ्लाईओवर का मुद्दा उठा
रावतभाटा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निदेशक ने आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव दलों की तेज आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कोटा-रावतभाटा मार्ग के चौड़ीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं जिला कलेक्टर कोटा ने सिविल-मिलिट्री फ्यूजन बैठकों का नियमित आयोजन करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, साझा समझ और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
बैठक में आपदा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़े आधारभूत ढांचे के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। स्टेशन रोड पर यातायात जाम की समस्या को देखते हुए वहां ओवरपास/फ्लाईओवर निर्माण की आवश्यकता पर चर्चा की गई, ताकि आपातकालीन सेवाओं के वाहनों का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके।
नियमित समन्वय और संयुक्त अभ्यास का लिया संकल्प
बैठक के अंत में सभी एजेंसियों ने नियमित सिविल-मिलिट्री फ्यूजन बैठकें आयोजित करने, संयुक्त प्रशिक्षण एवं मॉक अभ्यासों को निरंतर जारी रखने, मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को और प्रभावी बनाने, खुफिया एवं सूचना साझाकरण तंत्र को मजबूत करने तथा क्षेत्रीय सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के लिए नागरिक-सैन्य समन्वय को और सशक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
