Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 18 जुलाई: पुलिस थाना रामगंजमंडी ने ‘ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग’ के तहत एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह शादी के नाम पर भोले-भाले युवाओं को अपना शिकार बनाकर उनसे लाखों रुपये की ठगी करता था।

घटना का विवरण:
पुलिस अधीक्षक, कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर ने जानकारी दी कि थाना रामगंजमंडी में दिनांक 13.07.2026 और 16.07.2026 को क्रमशः दिनेश कुमार और दिलीप सिंह द्वारा धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पीड़ितों ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने उन्हें शादी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए थे। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।
वारदात का तरीका
गिरोह का नेटवर्क झारखंड और अन्य राज्यों में फैला हुआ है। गिरोह के सदस्य दलाल बनकर कुंवारे युवकों से संपर्क करते हैं और उन्हें शादी का लालच देकर 1 से 2 लाख रुपये वसूलते हैं। इसके बाद, गिरोह द्वारा पूर्व से विवाहित महिलाओं को कुंवारी बताकर शादी करवाई जाती है। शादी के कुछ दिन बाद ही, महिला सदस्य ‘माता-पिता के बीमार होने’ का बहाना बनाकर गहने और नकदी लेकर फरार हो जाती है।
गिरोह द्वारा पूर्व में की गई वारदातें:
मोडी हरिपुरा (म.प्र.): पूजा (दुल्हन) ने सुरेश पाटीदार से 1 लाख ठगे।
झालावाड़: अंजली (दुल्हन) ने दीपक मीण से 1 लाख ठगे।
असनावर (झालावाड़): शिवानी (दुल्हन) ने टीकू सिंह से 1.10 लाख ठगे।
अकलेरा (झालावाड़): पिंकी (दुल्हन) ने सत्यनारायण से 1.50 लाख ठगे।
डाबी (बूंदी): सुनिता मुखर्जी (दुल्हन) ने धनराज नाई से 1.10 लाख ठगे।
गिरफ्तार अभियुक्त:
पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें लाली कुमारी, ज्योति कुमारी, पूनम बाग, सुरेश कुमार, भूरा लाल, सुधीर कुमार, रूपेश कुमार और रोहित बाग शामिल हैं।
पुलिस टीम की विशेष भूमिका:
थानाधिकारी श्री संदीप शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने इस जटिल गिरोह का खुलासा किया। इस संपूर्ण अभियान में सुरेश कुमार (उ.नि.), पवन (कानि.) और रीता (एम.आर.टी.) की विशेष और सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
