Written by : प्रमुख संवाद
बूंदी/कोटा:24 जुलाई।
छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुई बदसलूकी, कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) की कथित ज्यादतियों और बूंदी जिले के किसानों को पर्याप्त खाद, बीज, बिजली व नहरी पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आज बूंदी में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूर्व विधायक एवं कोटा लोकसभा प्रत्याशी प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल जनसभा और प्रदर्शन में हजारों की संख्या में किसान, युवा और आम नागरिक शामिल हुए।
बूंदी धानमंडी परिसर में आयोजित विशाल जनसभा के पश्चात आक्रोशित जनसमूह हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां थामे और गगनभेदी नारे लगाता हुआ कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ा, जहां अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई। जनसभा में बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा, खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष महावीर मीणा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

जनसभा के मुख्य बिंदु:
1. किसानों का दर्द और पानी-खाद का संकट
पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि फसल किसान का केवल साधन नहीं, बल्कि उसका जीवन होती है। जब फसल नष्ट होती है तो किसान के सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा हो जाता है। किसान पिछले दो महीनों से नहरी पानी के लिए तरस रहे हैं और खाद-बीज के लिए लाइनों में लगकर लाठियां खा रहे हैं।
गुंजल ने स्थानीय सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात कर गांधी सागर से पानी छुड़वाने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए, क्योंकि पानी नहरों के पेंदे तक भी नहीं पहुंच सका और खेत सूखे रह गए।
2. खाद की कालाबाजारी और खुली लूट
गुंजल ने आरोप लगाया कि 1300 रुपये का खाद का कट्टा किसानों को सीधे नहीं दिया जा रहा है। यदि किसान साथ में अन्य ‘अटैचमेंट’ खरीदकर 2400 रुपये देता है, तो उसे जितने चाहे कट्टे मिल जाते हैं। उन्होंने इसे धनपतियों और कालाबाजारियों द्वारा किसानों पर की जा रही खुली लूट करार दिया और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
3. KDA की तानाशाही पर चेतावनी
KDA की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए गुंजल ने कहा कि प्राधिकरण के नाम पर बूंदी के किसानों और ग्रामीणों को उनकी जमीनों से बेदखल किया जा रहा है, ताकि धन्ना सेठों के लिए फार्म हाउस बनाए जा सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि KDA और सरकार ने ग्रामीणों पर ज्यादतियां बंद नहीं कीं, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
4. छात्र आंदोलन व राहुल गांधी के साथ बदसलूकी
दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिसिया लाठीचार्ज की निंदा करते हुए गुंजल ने कहा कि बेटियों और युवाओं पर हुआ अत्याचार देश को शर्मसार करने वाला है। जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों की आवाज बनकर प्रधानमंत्री से जवाब मांगने पहुंचे, तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई, जो लोकतंत्र की हत्या के समान है।

अन्य नेताओं के वक्तव्य:
- हरिमोहन शर्मा (विधायक, बूंदी): “प्रहलाद गुंजल के आह्वान पर उमड़ा यह अपार जनसमूह इस बात का प्रमाण है कि बूंदी की पावन धरा से ‘लोकतंत्र बचाओ अभियान’ का बिगुल बज चुका है। आने वाले निकाय व पंचायत चुनावों में एकजुट होकर जनता इस सरकार को मुंहतोड़ जवाब देगी।”
- सुरेश गुर्जर (विधायक, खानपुर): “यह सरकार पूरी तरह किसान व गांव विरोधी मानसिकता से काम कर रही है और लोकतंत्र के मूल्यों को कुचल रही है। आज पूरा देश बदलाव के लिए राहुल गांधी की ओर देख रहा है।”
- महावीर मीणा (जिलाध्यक्ष, बूंदी): “KDA के नाम पर बूंदी के मूल निवासियों को उजाड़ने की साजिश रची जा रही है। तानाशाही नीतियों से त्रस्त जनता अब सड़कों पर उतर चुकी है।”
प्रमुख उपस्थिति:
कार्यक्रम में सहप्रभारी वीरेंद्र सिंह झाला, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव गुड्डू कादरी, सत्येश शर्मा, चर्मेश शर्मा, डीके मेघवाल, मोडूलाल वर्मा, संतोष भाकल, मोहन गुर्जर, जय किशन मीणा, मधु वर्मा, बृजमोहन यादव, जगदीश पारेता, बाबूलाल वर्मा, चेतराम मीणा और जगरूप सिंह रंधावा सहित अनेक गणमान्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
