Written by : Sanjay kumar
बूंदी/कोटा: 27 अगस्त। जिले के केशवरायपाटन क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने एक कड़ा संदेश दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चंपावत के मार्गदर्शन और केशवरायपाटन वृत्ताधिकारी अशोक जोशी के सुपरविजन में यह बड़ी कार्रवाई अंजाम दी गई। इस संयुक्त अभियान में स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) के अधिकारी भी शामिल रहे, जिन्होंने पूरी तत्परता के साथ अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया।
हार्डकोर अपराधियों का आपराधिक इतिहास और जेल में होना
प्रशासन द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के केंद्र में क्षेत्र के दो कुख्यात हार्डकोर अपराधी रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी नूरुद्दीन उर्फ नूर मेसर के खिलाफ विभिन्न गंभीर मामलों में कुल 24 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जबकि दूसरे आरोपी जिगर उर्फ खलील के खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। ये दोनों वर्तमान में केशवरायपाटन इलाके में हुई चाकूबाजी की एक सनसनीखेज घटना के सिलसिले में न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद हैं, जिनका आपराधिक साम्राज्य अब प्रशासन के रडार पर आ चुका है।
चिन्हित खसरा नंबरों पर किए गए अवैध कब्जों का खुलासा
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इन आरोपियों द्वारा कस्बे के मुख्य स्थानों और सरकारी परिसरों के पास बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे किए गए थे। KDA की टीम ने भूमि संबंधी दस्तावेजों और मौके की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया, जिसमें खसरा नंबर 1625 और 1626 स्थित KDA की जमीन व प्लॉट पर अवैध निर्माण की पुष्टि हुई। इसके अतिरिक्त, मात्रा रोड स्थित सरकारी स्कूल के पास खसरा नंबर 1640/2 में करीब दो बीघा KDA की बेशकीमती भूमि पर पक्के कमरे बनाकर अवैध कब्जा किया गया था, जिसे प्रशासन ने पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया।
बुलडोजर एक्शन के जरिए करोड़ों की जमीन अतिक्रमण मुक्त
गुरुवार को भारी पुलिस जाब्ते और KDA के तहसीलदार छगनलाल, KDA के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तरुण कांत सोमानी, थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह चारण सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर एक्शन शुरू किया गया। किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। प्रशासनिक टीमों ने निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करते हुए सभी अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया, जिससे कुल मिलाकर लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य की बहुमूल्य सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
भविष्य में भी जारी रहेगा अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान
इस सफल कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों, भू-माफियाओं और सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के छिपने के ठिकानों और उनकी अवैध संपत्तियों की लगातार जांच की जा रही है। आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन को अवगत कराएं ताकि समय रहते नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सके।
