Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 30 अगस्त। मुकुंदरा विहार स्थित इस्कॉन नंदग्राम धाम में आगामी 4 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है, जहां हजारों भक्त आराध्य के दर्शन और जन्मोत्सव के साक्षी बनने के लिए पहुंचेंगे।
धर्म स्थापना के लिए प्रकट हुए थे श्रीहरि
इस्कॉन नंदग्राम धाम कोटा के उपाध्यक्ष राधाप्रिय दास ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश हेतु इस भौतिक संसार में प्रकट हुए थे। शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि 12:00 बजे हुआ था। यही कारण है कि हर साल श्रद्धालु इस पवित्र तिथि को एक महामहोत्सव के रूप में मनाते हैं।
व्रत और मध्यरात्रि महाआरती का विधान
जन्मोत्सव के इस पावन पर्व पर भक्तजन पूरे दिन का उपवास रखते हैं और भगवान की आराधना में लीन रहते हैं। मध्यरात्रि 12:00 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्रगटोत्सव और भव्य महाआरती के संपन्न होने के बाद ही भक्त अपना व्रत खोलते हैं और महाप्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दौरान मंदिर में अनुशासन और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
प्रातरावत से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान
मंदिर में होने वाले कार्यक्रमों का शुभारंभ प्रातः 4:30 बजे भगवान की मंगलमय ‘मंगला आरती’ के साथ होगा। इसके पश्चात, प्रातः 7:30 बजे भव्य दर्शन के साथ ‘श्रृंगार आरती’ संपन्न होगी, जिसमें प्रभु का अलौकिक रूप देखने को मिलेगा। दिनभर मंदिर प्रांगण में कर्णप्रिय हरिनाम संकीर्तन की गूंज रहेगी।
पूरे दिन खुले रहेंगे भगवान के मनोरम दर्शन
जन्मोत्सव के इस विशेष दिन पर भगवान श्री कृष्ण के मनोरम दर्शन पूरे दिन भक्तों के लिए अनवरत खुले रहेंगे। इसके माध्यम से शहर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली बड़ी संख्या में भक्तगण भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बना सकेंगे।
होगा प्रभु का दिव्य और भव्य श्रृंगार
इस भव्य महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और श्री राधा रानी का अत्यंत मनमोहक, दिव्य और भव्य श्रृंगार किया जाएगा। फूलों और वस्त्रों से सजे ठाकुर जी के इस स्वरूप को निहारने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु नंदग्राम धाम पहुंचेंगे।
