अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा: केरल का कलरी युद्ध कौशल बनेगा आकर्षण, 25 सितंबर को उमड़ेगा 5 लाख श्रद्धालुओं का जनसैलाब

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 1 सितम्बर। कोटा का प्रसिद्ध अनंत चतुर्दशी महोत्सव इस बार शौर्य, संस्कृति, भक्ति और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संदेश के साथ बेहद विराट स्वरूप में आयोजित होने जा रहा है। आगामी 25 सितंबर को निकलने वाली इस भव्य शोभायात्रा में केरल का पारंपरिक युद्ध कौशल और मार्शल आर्ट ‘कलरी’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। देश की दूसरी और राजस्थान की सबसे बड़ी इस शोभायात्रा में करीब चार से पांच लाख श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। लगभग 18 से 19 घंटे तक चलने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा जानकारी को लेकर सोशल मीडिया प्रभारी सुनील पोखरा द्वारा एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें संपूर्ण जानकारी साझा करी गई।

पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का वितरण

आयोजन समिति की अध्यक्ष महामंडलेश्वर साध्वी हेमा सरस्वती ने पत्रकार वार्ता में सनातन परंपरा का हवाला देते हुए शहरवासियों से अपील की है कि वे पीओपी और रासायनिक मूर्तियों के बजाय मिट्टी और गोबर से बनी पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाएं स्थापित करें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ पर्यावरण देने के लिए यह बहुत जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गणेश मंडल स्थापना समिति अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि समिति की ओर से 1100 मिट्टी और गोबर से बनी गणेश प्रतिमाएं निःशुल्क वितरित की जाएंगी।

विशाल झांकियां और 5 हजार नए गणेश मंडलों का लक्ष्य

आयोजन समिति के प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि शोभायात्रा को इस बार और अधिक भव्य बनाने के लिए केरल के पारंपरिक युद्ध कौशल को शामिल किया गया है। जुलूस में लगभग 90 अखाड़े, 200 से अधिक झांकियां, 10 भजन मंडलियां और 10 डांडिया मंडलियां शामिल होंगी। मार्ग में शहर की करीब 150 स्वागत समितियां श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगी। इसके अलावा, शहर को 12 हिस्सों में बांटकर लगभग 5 हजार नए गणेश मंडलों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।

पर्यटन मानचित्र पर पहचान और सुरक्षा व्यवस्था

समिति का मुख्य उद्देश्य इस धार्मिक आयोजन को पर्यटन के नक्शे पर वैश्विक पहचान दिलाना है। इसके लिए प्रशासन से शोभायात्रा मार्ग की ऐतिहासिक धरोहरों की रंगाई-पुताई कराने और तालाबों पर लेजर शो आयोजित करने का आग्रह किया गया है। इंदौर की तर्ज पर स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से आकर्षक झांकियां तैयार करवाई जा रही हैं। साथ ही, शोभायात्रा मार्ग की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए 200 पुरुष और 150 महिला सुरक्षा स्वयंसेवकों सहित कुल 350 स्वयंसेवक मोर्चा संभालेंगे।

यात्रा का मार्ग और प्रशासनिक तैयारियां

भव्य शोभायात्रा 25 सितंबर को दोपहर 11.30 बजे ऐतिहासिक सूरजपोल गेट से प्रारंभ होकर मोखापाड़ा, कैथूनीपोल, सब्जीमंडी, चरखंभा, रामपुरा और आर्य समाज मार्ग से होते हुए बारहदरी पहुंचेगी। आयोजन समिति ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक डिस्पोजल का उपयोग न करने की अपील की है और नगर निगम से सफाई, जर्जर सड़कों की मरम्मत, बिजली-तारों की दुरुस्ती तथा विसर्जन के लिए कृत्रिम कुंड बनाने की मांग की है।

पत्रकार वार्ता में उपस्थित पदाधिकारी

पत्रकार वार्ता में अखाड़ा समिति के संयोजक राधाबल्लभ शर्मा, सह प्रभारी सत्यनारायण श्रीवास्तव, सियाराम नागर, स्वागत संयोजक अनिल तिवारी, सुरक्षा संयोजक योगेश रेनवाल, प्रचार संयोजक जितेन्द्र कुमार शर्मा और सामाजिक संपर्क प्रमुख महेश शर्मा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Pramukh Samvad

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