पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल: सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ की पहल से घर-घर विराजेंगे 1156 मिट्टी के गणपति और केसरिया धर्म ध्वज

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 12 सितंबर। शहर में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वृहद जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत शनिवार से की गई है। सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ एवं इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान का मुख्य लक्ष्य गणेशोत्सव के दौरान जलाशयों और प्रकृति को प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) तथा रासायनिक रंगों के दुष्प्रभावों से बचाना है। इस हरित मुहिम को जन-जन तक पहुँचाने और सफल बनाने के लिए महासंघ की ओर से 15 लाख रुपये का विशेष बजट निर्धारित किया गया है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं।

वार्ड स्तर पर 1156 इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं व धर्म ध्वजाओं का निशुल्क वितरण

अभियान के प्रथम चरण के तहत शहर के 100 वार्डों में पूर्व पंजीकृत 1000 परिवारों को 9 और 12 इंच की शुद्ध मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं तथा 1156 केसरिया धर्म ध्वजाएं निशुल्क वितरित की जा रही हैं। इस वितरण की शुरुआत टीलेश्वर महादेव मंदिर से की गई, जहाँ नियुक्त ‘भुजबंद प्रभारियों’ को प्रतिमाएं सौंपी गईं। इस पूरी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुव्यवस्थित रखने के लिए कोटा किटी क्लब की 100 महिलाओं को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें से 25 ‘चारभुजा धारी प्रभारी’ चार-चार वार्डों की कमान संभाल रही हैं। पर्यावरण रक्षा का संकल्प लेने वाले प्रत्येक वार्ड के 10 चयनित परिवारों को ‘इको-फ्रेंडली सोशल क्रांतिकारी परिवार गौरव सम्मान’ से अलंकृत किया जाएगा, जिससे वे ‘पर्यावरण प्रहरी’ के रूप में अपनी पहचान बनाएंगे।

सार्वजनिक पंडालों और संस्थाओं के लिए विशेष पर्यावरण किट की व्यवस्था

महासंघ के अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल ने जानकारी दी कि अभियान के दूसरे चरण में एक विशेष समारोह के दौरान 56 पंजीकृत सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को सार्वजनिक पंडालों के लिए 4 फीट और 6 फीट की विशाल मिट्टी की प्रतिमाएं निशुल्क प्रदान की जाएंगी। सभी प्रतिमाओं को पर्यावरण संदेश युक्त विशेष बॉक्स में पैक किया गया है। इस किट में प्रतिमा के साथ 18×30 इंच का ‘शुद्ध जल स्वस्थ जीवन का आधार – पर्यावरण प्रहरी परिवार’ अंकित केसरिया धर्म ध्वज, जल शुद्धता का संकल्प पत्र, विशेष स्टीकर और गौरव सम्मान पत्र शामिल है। इसके अलावा, सार्वजनिक मंडलों के लिए 3×5 फीट की ‘पर्यावरण प्रहरी मंडल’ अंकित धर्म ध्वजाएं भी दी जा रही हैं।

जलीय जीवों के लिए वरदान साबित होगी औषधीय ‘श्री चंदन गणेश’ की भव्य प्रतिमा

संस्थापक महामंत्री राजा राम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि पर्यावरण और जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए क्लब द्वारा एक विशेष और अनूठा नवाचार किया गया है। इसके तहत 240 किलो शुद्ध मिट्टी से 7 फीट ऊंची संत स्वरूपा ‘श्री चंदन गणेश’ की भव्य प्रतिमा का सृजन किया गया है, जिसे गुरु धाम कॉलोनी में स्थापित किया जाएगा। इस प्रतिमा पर 15 किलो औषधीय चंदन पाउडर का लेप लगाया गया है तथा इसका श्रृंगार केवल केसर, कुमकुम, हल्दी, प्राकृतिक रंगों और 1200 रुद्राक्ष की मालाओं से किया गया है। विसर्जन के समय यह चंदन पानी में घुलकर जलीय जीवों को औषधीय लाभ पहुँचाएगा। साथ ही, 45 दिवसीय विशाल जन जागरण रथ शहरभर में घूमकर लोगों को पीओपी के खतरों के प्रति जागरूक कर रहा है।

कोटा को ‘जिला महोत्सव’ बनाने की मांग और भविष्य की अनूठी योजनाएं

महासंघ के मुख्य संयोजक गोविन्द नारायण अग्रवाल ने कोटा के गणेश महोत्सव को ‘जिला महोत्सव’ घोषित करने और स्थानीय गणेश मंडलों को सरकारी अनुदान देने की जोरदार मांग उठाई है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2026 में पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाएं स्थापित करने वाले 21 सर्वश्रेष्ठ गणेश मंडलों को 5,100 रुपए की नगद राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुख्य संरक्षक डॉ. अरुणा अग्रवाल ने सभी नागरिकों से यह अपील की है कि वे अपने आसपास के कम से कम 5 अन्य परिवारों को इस मुहिम से जोड़ें, जिन्हें वर्ष 2027 में इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब द्वारा निशुल्क इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं प्रदान करी जायेगीं ।

Pramukh Samvad

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