Written by : Sanjay kumar
कोटा, 23 सितम्बर।
देश की प्रमुख शिक्षा नगरी कोटा में अध्ययनरत लाखों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, मानसिक एकाग्रता और तनावमुक्ति की कामना के साथ बुधवार को तलवंडी स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर में ‘स्वास्तिक चौमुखी दीप महायज्ञ अनुष्ठान’ श्रद्धा एवं भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, कुलम शक्तिपीठ से पधारीं माता नीति अंबा, कोटा व्यापार महासंघ के सचिव अशोक महेश्वरी, राष्ट्रीय गुजराती समाज अध्यक्ष जी.डी. पटेल तथा वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. एम.एल. अग्रवाल सम्मिलित हुए। मंदिर समिति के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर भावभीना स्वागत किया।
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनुकरणीय पहल: विधायक संदीप शर्मा
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि कोटा में देश के विभिन्न राज्यों से आए छात्र हमारे अपने परिवार का हिस्सा हैं। उनकी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और तनावमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना हमारी पहली प्राथमिकता है। 525 चौमुखी दीपों की 2100 पावन ज्योतियाँ छात्रों में नए आत्मविश्वास और सकारात्मकता का संचार करेंगी।
2100 पावन ज्योतियों से अलौकिक हुआ मंदिर प्रांगण
मंदिर समिति अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि 5 प्रकांड वैदिक विद्वानों के आचार्यत्व में मुख्य यजमानों ने मंत्रोच्चार के साथ आहुतियाँ दीं। प्रांगण में निर्मित 36×36 फीट के विशाल स्वास्तिक पर 525 चौमुखी दीपक प्रज्ज्वलित किए गए। धार्मिक मान्यता अनुसार 2100 ज्योतियों की यह ऊर्जा विद्यार्थियों के जीवन से नकारात्मकता, मानसिक अवसाद और दोषों का शमन कर चारों दिशाओं से सफलता एवं बुद्धि का विस्तार करती है।
गरुड़ारूढ़ गणेश जी के दर्शन को उमड़ी भीड़
महायज्ञ के दौरान विद्यार्थियों ने मंदिर में स्थापित गरुड़ पर सवार भगवान गणेश की अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा के दर्शन किए। पक्षीराज गरुड़ उच्च दृष्टिकोण व दूरदर्शिता के प्रतीक हैं, वहीं श्रीगणेश के हाथ का त्रिशूल छात्रों के तनाव रूपी नकारात्मक तत्वों का संहार दर्शाता है।
पर्यावरण संरक्षण: पवित्र रज से तैयार 108 ‘जेड प्लांट’ का होगा वितरण
मंदिर समिति ने आध्यात्मिक अनुष्ठान के साथ पर्यावरण संवर्धन की अनोखी मिसाल पेश की है:
- पर्यावरण अनुकूल विसर्जन: गरुड़ारूढ़ गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन 25 सितम्बर को प्रातः 10:00 बजे परिसर में स्थित इको-फ्रेंडली कुण्ड में किया जाएगा।
- निःशुल्क जेड प्लांट वितरण: विसर्जन के पश्चात बची पवित्र रज का उपयोग कर 108 गमलों में ‘जेड प्लांट’ (तनाव निवारक पौधा) लगाए जाएंगे।
- वितरण तिथि: इन 108 गमलों का निःशुल्क वितरण नवरात्रा चतुर्थी (14 अक्टूबर) को प्रातः 10:00 बजे से पंजीकृत कोचिंग विद्यार्थियों को किया जाएगा।
