Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 23 सितंबर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कोटा जिला कार्यकर्ताओं द्वारा आज जिला कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन कर सरकारी विद्यालयों एवं छात्रावासों की विभिन्न मूलभूत समस्याओं के अविलंब समाधान की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने शासन व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकारी शिक्षण संस्थानों व छात्रावासों में व्याप्त असुविधाओं पर गहरा रोष व्यक्त किया। सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित मुख्य मांगों को रेखांकित किया गया:
जर्जर भवनों का जीर्णोद्धार: जर्जर और असुरक्षित विद्यालय व छात्रावास भवनों की तुरंत मरम्मत कराई जाए।
बिजली व पेयजल व्यवस्था: नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो तथा विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल का प्रबंध किया जाए।
स्वच्छता व बुनियादी सुविधाएं: शौचालय एवं स्नानघरों की उचित व नियमित सफाई की व्यवस्था हो।
भोजन की गुणवत्ता: छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच और सुधार हो।
स्टाफ की कमी दूर करना: विद्यालयों और छात्रावासों में रिक्त पड़े शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विभाग संयोजक निखिल सिंह ने कहा, “सरकारी विद्यालयों और छात्रावासों में पढ़ने वाले छात्र बुनियादी सुविधाओं के अभाव में दैनिक स्तर पर जूझ रहे हैं। प्रशासन को इस गंभीर स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए एक निश्चित समयावधि में इन समस्याओं का ठोस समाधान निकालना होगा।”
कोटा महानगर मंत्री दीप्ति मेवाड़ा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, “विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना प्रशासन का पहला कर्तव्य है। छात्रावासों में स्वच्छता, भोजन और सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी के लिए एक स्थायी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। यदि प्रशासन ने समय रहते सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो अभाविप उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।”
ज्ञापन सौंपने के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कई पदाधिकारी, छात्र नेता और बड़ी संख्या में संभाग भर के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
