Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 24 सितम्बर। राजकीय आयुर्वेदिक योग प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित ‘आयुर्वेद दिवस’ समारोह में ब्रह्माकुमारीज़ तलवंडी सेवा केंद्र की ओर से उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्पादित आयुर्वेदाचार्यों का भावपूर्ण नागरिक अभिनंदन एवं सम्मान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कोटा संभाग प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने कहा कि आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा भारत की अत्यंत प्राचीन और प्रामाणिक पद्धतियाँ हैं। प्राकृतिक चिकित्सा पंचतत्वों के संतुलन और पुरातन जड़ी-बूटियों व योग के माध्यम से शरीर के जटिल से जटिल रोगों का निवारण करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में शारीरिक आरोग्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य बेहद आवश्यक है, और मन की व्याधियों को शांत करने के लिए राजयोग मेडिटेशन सर्वोत्कृष्ट विधि है। उर्मिला दीदी ने उपस्थित चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे रोगियों के शारीरिक उपचार के साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बनाने की दिशा में विचार करें।
समारोह की शुरुआत में महाविद्यालय के प्राचार्य वैद्य नित्यानंद शर्मा ने कुशल मंच संचालन करते हुए ब्रह्माकुमारी बहनों का आत्मीय स्वागत एवं परिचय कराया। तत्पश्चात ब्रह्माकुमारी कृति बहन ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय का विस्तृत परिचय देते हुए संस्था की सामाजिक, आध्यात्मिक एवं कल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी दी और उपस्थित सभी लोगों को राजयोग का गहन अभ्यास (मेडिटेशन) कराया।
कार्यक्रम में डॉ. कृष्णा बहन ने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि दैनिक जीवन में राजयोग मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से स्वयं को तनावमुक्त और आरोग्यपूर्ण कैसे रखा जा सकता है।
समारोह के दौरान ब्रह्माकुमारी रीना बहन ने उपस्थित सभी आयुर्वेदाचार्यों को तिलक लगाकर एवं सम्मान पट्टिका पहनाकर उनका अभिनंदन किया। अंत में उर्मिला दीदी ने सभी अतिथियों को संस्था की ओर से शुभ सौगात एवं ईश्वरीय प्रसाद भेंट किया।
