Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 6 फरवरी 2026।
राजस्थान के कोटा स्थित कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन की सर्विस बिल्डिंग, यूनिट-1 कंट्रोल रूम में गुरुवार शाम 6 बजे आपदा प्रबंधन को लेकर एक उच्च स्तरीय संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित बड़े अग्निकांड की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय एवं तैयारियों का व्यावहारिक मूल्यांकन करना था।


मॉक ड्रिल के दौरान यूनिट-1 कंट्रोल रूम में आग लगने और कर्मचारियों के फँसे होने का परिकल्पित परिदृश्य बनाया गया, जिस पर सीआईएसएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन इकाइयों, राजस्थान पुलिस, राज्य नागरिक सुरक्षा दल तथा बम निरोधक एवं निस्तारण दस्ता (BDDS) ने समन्वित और प्रभावी कार्रवाई की। निकासी, बचाव, अग्निशमन एवं चिकित्सा सहायता से जुड़े सभी कार्य मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुरूप निष्पादित किए गए।
इस अभ्यास में सीआईएसएफ के 45, एसडीआरएफ के 41, कोटा थर्मल अग्निशमन विभाग के 13, नगर निगम के 16 अग्निशामक (4 फायर टेंडर सहित), राजस्थान पुलिस के 8, चिकित्सा दल के 4 कार्मिक एवं 1 एम्बुलेंस, बीडीडीएस टीम, राज्य नागरिक सुरक्षा दल तथा कोटा थर्मल प्रबंधन स्टाफ एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।
मॉक ड्रिल के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की मजबूती की पुष्टि के साथ-साथ भविष्य में और अधिक सुधार की संभावनाओं वाले बिंदुओं की भी पहचान की गई। वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा कोटा थर्मल के तकनीकी और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में यह अभ्यास पूर्णतः सफल रहा।
