Written by : प्रमुख संवाद
कोटा | 10 फरवरी 2026
कोटा शहर में विगत लगभग दो सप्ताह से व्यवसायिक (कमर्शियल) वाहनों की फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं होने के कारण बस, ट्रक, ऑटो, टेंपो सहित अन्य व्यावसायिक वाहन मालिक एवं चालक गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। फिटनेस प्रमाण पत्र के अभाव में जहां एक ओर परिवहन विभाग द्वारा चालान की कार्रवाई का भय बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर दुर्घटना की स्थिति में बीमा क्लेम निरस्त होने का खतरा भी वाहन मालिकों को मानसिक रूप से परेशान कर रहा है।
इस गंभीर समस्या को लेकर आज पूर्व पार्षद बृजेश शर्मा ‘नीटू’ के नेतृत्व में पीड़ित वाहन मालिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, कोटा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि कोटा आरटीओ कार्यालय में फिटनेस सुविधा बंद होने के कारण वाहन मालिकों को मजबूरी में झालावाड़ जाकर फिटनेस करानी पड़ रही है, जिसमें लगभग ₹5000 तक का अतिरिक्त खर्च एवं डीजल व्यय आ रहा है। यह खर्च छोटे ऑटो, टेंपो एवं अन्य छोटे व्यावसायिक वाहन मालिकों के लिए वहन करना असंभव है।
बृजेश शर्मा ‘नीटू’ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही कोटा में फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की सुचारू व्यवस्था प्रारंभ नहीं की गई, तो पीड़ित वाहन मालिकों को साथ लेकर प्रादेशिक परिवहन कार्यालय पर विशाल एवं उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल आर्थिक नहीं बल्कि आमजन की आजीविका से जुड़ी हुई है, जिस पर सरकार और परिवहन विभाग को तुरंत गंभीर निर्णय लेना चाहिए।
इस पर प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान में मैन्युअल फिटनेस व्यवस्था समाप्त कर दी गई है तथा फिटनेस का प्रावधान केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के माध्यम से ही किया जाना है। कोटा में एटीएस फिटनेस सेंटर खोलने का प्रस्ताव अंतिम चरण में है, जो मुख्यालय स्तर पर स्वीकृत होना है। जैसे ही एटीएस केंद्र प्रारंभ होगा, कोटा में फिटनेस प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल जिन जिलों में पुराने प्रावधान के अंतर्गत फिटनेस हो रही है, वहां जाकर वाहन फिटनेस कराई जा सकती है।
फिटनेस से जुड़ी इस विकट समस्या को लेकर पूर्व पार्षद बृजेश शर्मा ‘नीटू’ द्वारा ज्ञापन की एक प्रति प्रमुख शासन सचिव, परिवहन विभाग एवं परिवहन आयुक्त, राजस्थान को भी प्रेषित की गई है, ताकि राज्य स्तर पर हस्तक्षेप कर कोटा शहर के हजारों वाहन मालिकों को राहत दिलाई जा सके।
इस दौरान एडवोकेट नरेंद्र शर्मा, विनय राज सिंह (पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष), अविनाश मालव (पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष), एडवोकेट दिवांक गौत्तम, शुभम नागवानी, रोचक सिंघवी, राजू दाहवा, गजेंद्र गोचर, निखिल चावला, सेठी गुर्जर, सहदेव शर्मा, एडवोकेट इरफान हुसैन सहित अनेक कार्यकर्ता एवं वाहन मालिक उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में मांग की कि कोटा जैसे बड़े संभागीय शहर में फिटनेस सुविधा का बंद रहना प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक है और यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो जनाक्रोश और आंदोलन और तेज होगा।
