राजस्थान बजट 2026-27: “विकसित राजस्थान की दिशा में निर्णायक कदम”

Written by : Sanjay kumar

राजस्थान बजट 2026–27 : विकास, निवेश और सामाजिक सुरक्षा का संतुलित खाका

जयपुर, 11 फरवरी 2026।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राजस्थान बजट 2026-27 विधानसभा में पेश किया। इस बजट का कुल लक्ष्य समावेशी विकास, ग्रामीण एवं युवा सशक्तिकरण, आर्थिक वृद्धि और बुनियादी ढांचे का विस्तार करना रखा गया है। राजकीय अर्थव्यवस्था को 2026-27 में ₹21.52 लाख करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने, बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने, युवाओं को अवसर प्रदान करने और किसानों व महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने की स्पष्ट रणनीति पर आधारित है। सरकार ने “विकसित राजस्थान” के दीर्घकालिक लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए पूंजीगत निवेश, सामाजिक सुरक्षा और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया है।

वित्त वर्ष 2026–27 के लिए राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 21 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान व्यक्त किया गया है। कुल बजट व्यय का आकार लगभग छह लाख करोड़ रुपये के आसपास निर्धारित किया गया है। राजस्व प्राप्तियों में राज्य कर, केंद्रीय करों में हिस्सा, केंद्रीय अनुदान तथा गैर-कर राजस्व प्रमुख स्रोत रहेंगे, जबकि पूंजीगत प्राप्तियों में बाजार से ऋण प्रमुख घटक होगा। राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद के लगभग तीन प्रतिशत के भीतर नियंत्रित रखने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास कार्यों को गति दी जा सके।

इस बजट में पूंजीगत व्यय पर विशेष जोर दिया गया है। सड़क, जल संसाधन, ऊर्जा और शहरी अवसंरचना के विस्तार के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। राज्यभर में सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन, नए संपर्क मार्गों और औद्योगिक कनेक्टिविटी कॉरिडोर के विकास से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की अपेक्षा है। पेयजल परियोजनाओं के लिए उल्लेखनीय राशि का प्रावधान करते हुए हजारों गांवों तक नल जल कनेक्शन विस्तार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सौर ऊर्जा पार्कों और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश के माध्यम से राजस्थान को हरित ऊर्जा के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

कृषि क्षेत्र में किसानों को प्रत्यक्ष सहायता योजनाओं का विस्तार किया गया है। किसान सम्मान निधि के तहत राज्य अंशदान को बढ़ाते हुए किसानों की वार्षिक आय सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। सिंचाई परियोजनाओं, कृषि अवसंरचना और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के लिए भी पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार मिल सके।

युवा और रोजगार इस बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए ब्याज-मुक्त ऋण योजनाओं का विस्तार किया गया है। कौशल विकास कार्यक्रमों, तकनीकी प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा अवसंरचना के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। मेधावी विद्यार्थियों को डिजिटल उपकरण सहायता और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जोड़ने की पहल राज्य को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का संकेत देती है।

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों की ऋण सीमा में वृद्धि और ब्याज सहायता प्रावधान से ग्रामीण और शहरी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, कमजोर वर्गों के कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए भी बजट में पर्याप्त संसाधन निर्धारित किए गए हैं। चिकित्सा अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन का प्रावधान किया गया है।

राजस्व व्यय के अंतर्गत वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान राज्य के व्यय का बड़ा हिस्सा बने हुए हैं, जो प्रशासनिक दायित्वों का स्वाभाविक परिणाम है। इसके बावजूद सरकार ने पूंजीगत निवेश में वृद्धि कर दीर्घकालिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। ऋण-प्रबंधन और राजकोषीय संतुलन पर विशेष ध्यान रखते हुए वित्तीय उत्तरदायित्व के मानकों का पालन करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है।

समग्र रूप से राजस्थान बजट 2026–27 विकासोन्मुख, निवेश-केंद्रित और सामाजिक सरोकारों से युक्त दस्तावेज़ के रूप में सामने आया है। यह बजट एक ओर अवसंरचना और उद्योग को गति देने का प्रयास करता है, तो दूसरी ओर किसान, युवा, महिला और कमजोर वर्गों के लिए प्रत्यक्ष राहत एवं अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। प्रभावी क्रियान्वयन और राजस्व संग्रह की मजबूती इस बजट की सफलता के प्रमुख आधार होंगे।

यह बजट राजस्थान को आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और दीर्घकालिक स्थिर विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प दर्शाता है।


राजस्थान बजट 2026-27 : पूर्ण तकनीकी बजट सार

प्रस्तुतकर्ता: उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी
प्रस्तुति तिथि: 11 फरवरी 2026
वित्त वर्ष: 1 अप्रैल 2026 – 31 मार्च 2027


1️⃣ राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति

मदअनुमानित आंकड़ा 2026-27
सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP)₹21.50 लाख करोड़
अनुमानित विकास दर8.5% – 9%
प्रति व्यक्ति आय~ ₹1.75 – 1.85 लाख
मुद्रास्फीति अनुमान4% – 5%

2️⃣ समेकित बजट आकार (Budget Size)

घटकराशि (₹ करोड़ में)
कुल व्यय (Total Expenditure)~ 5,95,000
कुल प्राप्तियाँ (Total Receipts)~ 5,60,000
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)~ 35,000
घाटा प्रतिशत (GSDP के अनुपात में)~ 3%

3️⃣ राजस्व प्राप्तियाँ (Revenue Receipts)

स्रोतअनुमानित राशि (₹ करोड़)
राज्य कर राजस्व (SGST, स्टाम्प, आबकारी आदि)2,40,000
केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा1,45,000
केंद्रीय अनुदान (Grants-in-Aid)60,000
गैर-कर राजस्व25,000
कुल राजस्व प्राप्ति4,70,000

4️⃣ पूंजीगत प्राप्तियाँ (Capital Receipts)

स्रोतराशि (₹ करोड़)
बाजार ऋण (Market Borrowings)75,000
लोन एवं अग्रिम8,000
सार्वजनिक उपक्रमों से प्राप्ति7,000
कुल पूंजीगत प्राप्तियाँ90,000

5️⃣ व्यय का वर्गीकरण (Expenditure Classification)

(A) राजस्व व्यय (Revenue Expenditure)

क्षेत्रराशि (₹ करोड़)
वेतन एवं भत्ते1,35,000
पेंशन65,000
ब्याज भुगतान55,000
सब्सिडी38,000
सामाजिक योजनाएँ82,000
कुल राजस्व व्यय3,75,000

(B) पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure)

क्षेत्रराशि (₹ करोड़)
सड़क एवं परिवहन42,000
जल संसाधन एवं पेयजल28,000
ऊर्जा एवं सौर परियोजनाएँ25,000
शहरी विकास18,000
ग्रामीण विकास22,000
शिक्षा अवसंरचना12,000
स्वास्थ्य अवसंरचना10,000
कुल पूंजीगत व्यय1,60,000

6️⃣ विभाग-वार प्रमुख आवंटन तालिका

विभागअनुमानित आवंटन (₹ करोड़)
शिक्षा विभाग85,000
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य55,000
कृषि एवं किसान कल्याण48,000
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज52,000
ऊर्जा विभाग40,000
लोक निर्माण विभाग (PWD)38,000
जलदाय विभाग32,000
सामाजिक न्याय30,000
गृह विभाग28,000
उद्योग एवं निवेश15,000

7️⃣ प्रमुख वित्तीय संकेतक (Key Fiscal Indicators)

संकेतकस्थिति
राजस्व घाटानियंत्रित स्तर (~1% GSDP)
राजकोषीय घाटा~3% (FRBM सीमा के भीतर)
ऋण-GSDP अनुपात~34% – 35%
ब्याज भुगतान अनुपात~11% कुल व्यय का

8️⃣ प्रमुख योजनागत प्रावधान

✔ ₹24,000 करोड़ – पेयजल परियोजनाएँ
✔ ₹10,400 करोड़ – सड़क निर्माण
✔ ₹3,000 करोड़ – सौर पार्क
✔ किसान सहायता ₹12,000 वार्षिक (संयुक्त केंद्र-राज्य)
✔ युवाओं हेतु ब्याज-मुक्त ऋण
✔ महिला SHG ऋण सीमा वृद्धि


9️⃣ बजट का विश्लेषण

सकारात्मक पक्ष

• पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि
• जल एवं सड़क अवसंरचना पर बड़ा निवेश
• युवाओं और किसानों के लिए प्रत्यक्ष लाभ योजनाएँ
• हरित ऊर्जा पर फोकस

संभावित चुनौतियाँ

• वेतन-पेंशन एवं ब्याज भुगतान का बढ़ता दबाव
• ऋण-भार मध्यम स्तर पर
• योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता
• राजस्व संग्रह लक्ष्य प्राप्ति महत्वपूर्ण


🔟 समग्र निष्कर्ष

राजस्थान बजट 2026-27 विकास उन्मुख, पूंजी निवेश केंद्रित और सामाजिक कल्याण समर्थ बजट है।
राज्य ने अवसंरचना, जल सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को प्राथमिकता देते हुए आर्थिक वृद्धि एवं रोजगार सृजन को लक्ष्य बनाया है।

राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए पूंजीगत निवेश बढ़ाना इस बजट की मुख्य विशेषता है।


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