कोटा को मिलेगी नई पहचान: आध्यात्मिक धरोहर, हरित पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के समन्वित विकास की शुरुआत

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 22 फरवरी।
ओम बिरला ने रविवार को पाटनपोल स्थित वल्लभ सम्प्रदाय की प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश जी मंदिर में प्रस्तावित मंदिर कॉरिडोर के प्रथम चरण सहित विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कोटा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित हैरिटेज वॉक में सहभागिता कर शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से संवाद स्थापित किया।

इस अवसर पर बिरला ने कहा कि श्री मथुराधीश जी मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हाड़ौती अंचल की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। मंदिर परिसर के विकास कार्यों की शुरुआत को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि प्राचीन गरिमा और परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके।

18.24 करोड़ रुपये से कॉरिडोर के प्रथम चरण का विकास

कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा 18.24 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर के प्रथम चरण में परिक्रमा मार्ग, सुगम आवागमन, आधारभूत संरचना और श्रद्धालु सुविधाओं से संबंधित कार्य किए जाएंगे। बिरला ने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में होने वाले सभी कार्य संतजनों एवं श्रद्धालुओं से संवाद के पश्चात ही किए जाएंगे, ताकि आस्था, परंपरा और स्थापत्य की मौलिकता सुरक्षित रहे।

हैरिटेज वॉक से जुड़ा शहर का ऐतिहासिक परिदृश्य

शिलान्यास कार्यक्रम के पश्चात आयोजित हैरिटेज वॉक मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर पाटनपोल, गढ़ पैलेस, कैथूनीपोल, श्रीपुरा, सब्जी मंडी और अग्रसेन बाजार होते हुए रामपुरा बाजार के पीपल चौक पर संपन्न हुई। गढ़ पैलेस में साफा फेस्ट के अंतर्गत अतिथियों का पारंपरिक साफा बांधकर स्वागत किया गया। मार्ग में विभिन्न व्यापारिक संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा स्वागत द्वार स्थापित कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया।

9.82 करोड़ की लिंक रोड एवं 2.5 करोड़ की फसाड लाइट परियोजना

हैरिटेज वॉक के दौरान कैथूनीपोल थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 9.82 करोड़ रुपये की लागत से कैथूनीपोल चौराहे से सेंट पॉल स्कूल तक प्रस्तावित लिंक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। यह सड़क पुराने शहर में यातायात सुगमता और पर्यटन गतिविधियों को गति देगी।

इसके अतिरिक्त 2.5 करोड़ रुपये की लागत से महात्मा गांधी विद्यालय, महारानी विद्यालय रामपुरा, घंटाघर और लक्खी बुर्ज पर फसाड लाइट इंस्टॉलेशन कार्य का भी शुभारंभ किया गया। इन कार्यों से शहर की ऐतिहासिक इमारतों का सौंदर्यीकरण होगा और रात्रिकालीन पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।

कोटा बनेगा समन्वित पर्यटन का मॉडल

बिरला ने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या, उज्जैन, सोमनाथ और खाटू श्यामजी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का समग्र विकास हुआ है, उसी दृष्टिकोण से कोटा को भी आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ रामगढ़ अभयारण्य और चंबल क्षेत्र में जल-जंगल सफारी को भी सशक्त बनाया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि कोटा के पुराने बाजार, ऐतिहासिक गलियां और स्थापत्य विरासत शहर की पहचान हैं। इनकी संरक्षा के साथ आधुनिक अधोसंरचना विकसित कर रोजगार, व्यापार और पर्यटन के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।

जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों का स्वागत किया

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार कोटा को बहुआयामी विकास के पथ पर अग्रसर कर रही है। आध्यात्मिक स्थलों के उन्नयन के साथ आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ कर पर्यटन और रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है।

विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि श्री मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग थी, जो अब साकार रूप ले रही है। यह परियोजना कोटा की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा प्रदान करेगी।

हैरिटेज वॉक में संभागीय आयुक्त, जिला प्रशासन के अधिकारी, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


यह विकास पहल कोटा को आध्यात्मिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक पर्यटन के समेकित केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी, जिससे शहर की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए भविष्य की संभावनाओं को नई ऊर्जा मिलेगी।

Pramukh Samvad

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