Written by : लेखराज शर्मा
झालावाड़, 24 मार्च| जिले के अकलेरा थाना क्षेत्र स्थित चंदीपुर गांव में हुई महिला रेणु की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने वैज्ञानिक जांच और सूझबूझ से सुलझाते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस मौत को शुरुआत में एक सामान्य हादसा बताया गया था, वह दरअसल एक सुनियोजित हत्या निकली। इस मामले में मृतका के पति डेविड को ही मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में गठित टीम ने पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच करते हुए आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों का सहारा लिया। प्रारंभिक तौर पर परिवार द्वारा महिला की मौत को सीढ़ियों से गिरने का परिणाम बताया गया था, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियां और मृतका के शरीर पर मिले चोटों के निशान इस दावे से मेल नहीं खा रहे थे।
मामले को संदेहास्पद मानते हुए पुलिस ने स्वयं संज्ञान लेकर जांच शुरू की और विशेषज्ञ फोरेंसिक टीम की मदद ली। जांच के दौरान मेडिकल परीक्षण में शरीर पर कई गंभीर चोटों की पुष्टि हुई, जो सामान्य गिरावट से संभव नहीं थीं। इसके बाद घटनास्थल पर क्राइम सीन का पुनर्निर्माण (रिक्रिएशन) किया गया, जिसमें डमी मॉडल के जरिए यह परखा गया कि बताई गई परिस्थिति में ऐसी चोटें संभव हैं या नहीं। परीक्षण के परिणामों ने स्पष्ट कर दिया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या का मामला है।
जांच आगे बढ़ने पर आरोपी पति की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। उसके निजी जीवन से जुड़े तथ्यों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने भी अपराध की दिशा को स्पष्ट किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के अन्य महिलाओं से संबंध थे, जिनको लेकर वैवाहिक विवाद लगातार बना हुआ था।
पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। सूचना के आधार पर उसे कोटा में ट्रैक किया गया, जहां पकड़ने के प्रयास के दौरान उसने पुलिस कार्रवाई से बचने की कोशिश की और वाहन से टक्कर मारकर फरार होने का प्रयास किया। हालांकि, तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम ने उसे काबू कर लिया। इस दौरान उसके खिलाफ एक अतिरिक्त मामला भी दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे एक जटिल केस का सफलतापूर्वक खुलासा संभव हो पाया।
