Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 10 अप्रैल। कोटा जिला कांग्रेस कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित ‘संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शांति धारीवाल और प्रहलाद गुंजल के समर्थक आमने-सामने आ गए। विवाद की शुरुआत मंच से नाम लेने को लेकर हुई, जो देखते ही देखते नारेबाजी, तीखी बहस और धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।

चुनावी रणनीति के लिए बुलाई गई थी बैठक
बैठक का आयोजन आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायती राज चुनावों की रणनीति तय करने के उद्देश्य से किया गया था। इसमें जिला कांग्रेस कमेटी और देहात कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिला प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज और सह-प्रभारी धर्मराज मेहरा भी शामिल हुए।

नाम नहीं लेने पर भड़के समर्थक
बैठक के दौरान जैसे ही मंच से नेताओं का उल्लेख किया गया, प्रहलाद गुंजल का नाम नहीं लिया गया। इस बात पर उनके समर्थक भड़क उठे और उन्होंने इसे जानबूझकर की गई अनदेखी बताते हुए विरोध शुरू कर दिया।
जिलाध्यक्ष से तीखी नोकझोंक
नाराज कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही जिलाध्यक्ष से तीखे सवाल-जवाब किए। माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और समर्थकों ने खुलकर विरोध जताते हुए अपनी नाराजगी प्रकट की। आरोप लगे कि संगठन में एक पक्ष को तरजीह दी जा रही है।
दोनों गुट आमने-सामने
स्थिति तब और बिगड़ गई जब शांति धारीवाल समर्थक भी सक्रिय हो गए। इसके बाद दोनों गुटों के बीच जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई, जिससे बैठक का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया।
धक्का-मुक्की तक पहुंचा मामला
नारेबाजी के बीच कार्यकर्ताओं में गरमागरमी इतनी बढ़ गई कि धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। कुछ समय के लिए स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर नजर आई और कांग्रेस कार्यालय हंगामे का केंद्र बन गया।
प्रभारी के सामने बिगड़ी स्थिति
हैरानी की बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप कर कार्यकर्ताओं को शांत कराने का प्रयास किया।
एकजुटता की अपील
पुष्पेंद्र भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि गुटबाजी से पार्टी कमजोर होती है और इसका सीधा असर चुनावों पर पड़ता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को अनुशासन बनाए रखने और एकजुट होकर चुनाव लड़ने की नसीहत दी।
संगठन पर उठे सवाल
जिस बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना था, वही बैठक गुटबाजी का प्रदर्शन बन गई। इससे कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति एक बार फिर सार्वजनिक हो गई है।
