Written by : प्रमुख संवाद
कोटा/सांगोद, 25 अप्रैल।
सांगोद क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को 150 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। बपावर रोड स्थित गायत्री चौराहा मेला ग्राउंड में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही और दोनों नेताओं का जोरदार स्वागत किया गया।
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और कृषि से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, जिससे सांगोद को समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
🏥 स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी मजबूती
कार्यक्रम में 35 करोड़ रुपये की लागत से 100 बेड क्षमता वाले काशीपुरी उप जिला चिकित्सालय की आधारशिला रखी गई। इस अस्पताल के निर्माण से सांगोद क्षेत्र के लोगों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे कोटा पर निर्भरता कम होगी।
🌉 कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार
क्षेत्र की सबसे बड़ी परियोजनाओं में कालीसिंध नदी पर 70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला उच्चस्तरीय पुल शामिल है। इसके साथ ही 45 करोड़ रुपये की लागत से कुराड़-ढोटी-कन्दाफल-मण्डाप-श्यामपुरा सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आवागमन आसान बनेगा।
🗣️ ‘75 साल की कमी, 5 साल में पूरी होगी’
सभा को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि सांगोद के विकास के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है, जिसके तहत हर गांव को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पिछले दशकों में विकास की जो कमी रही है, उसे आने वाले पांच वर्षों में दूर किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर सड़क और सिंचाई सुविधाओं से किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
🚜 किसानों और ग्रामीण विकास पर फोकस
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सरकार केवल बड़े प्रोजेक्ट्स ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत जरूरतों पर भी विशेष ध्यान दे रही है। खेतों तक पहुंच आसान बनाने के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से ग्रेवल सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है।
इसके अलावा, पेयजल समस्या के समाधान के लिए कोटड़ी पेयजल योजना के तहत घर-घर पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
🏙️ शहर के विकास की नई योजना
सांगोद नगर क्षेत्र में सौंदर्यकरण के तहत बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने और लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित करने की योजना बनाई गई है। साथ ही नदी किनारे बसे गांवों को कटाव से बचाने के लिए 40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति जल्द जारी करने की घोषणा की गई।
🤝 जनसहयोग से विकास को गति
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान काशीपुरी ट्रस्ट द्वारा अस्पताल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर उनका आभार व्यक्त किया गया।
