Written by : प्रमुख संवाद
बारां, 24 अप्रैल। जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक उस समय विवादों में घिर गई जब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजीव सक्सेना पर गंभीर आरोप लगाए गए। बैठक के दौरान एक जनप्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि चिकित्सा कार्मिकों के डेप्युटेशन के नाम पर कथित रूप से अवैध लेनदेन किया गया है, जिससे बैठक का माहौल गरमा गया।
आरोप सामने आते ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। हालांकि, सीएमएचओ डॉ. संजीव सक्सेना ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्य पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार किए जा रहे हैं।
इस मुद्दे पर जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने गंभीरता दिखाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जिला कलेक्टर के स्तर पर एक स्वतंत्र जांच समिति गठित की जानी चाहिए।
बैठक के दौरान कई जनप्रतिनिधियों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की कमी का आरोप भी लगाया। यह मुद्दा लंबे समय तक चर्चा का केंद्र बना रहा और बैठक का वातावरण तनावपूर्ण रहा।
फिलहाल, मामले में जांच की मांग तेज हो गई है। यदि प्रशासन द्वारा जांच समिति गठित की जाती है, तो आने वाले समय में इस प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
