ऊर्जा मंत्री ने भामाशाह मंडी का किया औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर एफसीआई अधिकारियों को लगाई फटकार

Written by : प्रमुख संवाद

​कोटा, 25 अप्रैल।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को कोटा स्थित भामाशाह मंडी के तौल केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी में गेहूं खरीद की सुस्त रफ्तार और संसाधनों की कमी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री के साथ भारतीय खाद्य निगम और राजफैड के अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री नागर ने मौके पर ही तौल, सैंपलिंग और उठाव की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए। मंत्री नागर ने एफसीआई के जीएम राजेश चौधरी से भी फोन पर बात की।

​निरीक्षण के दौरान मंत्री नागर ने पाया कि मंडी में तौल की गति अत्यंत धीमी है। जिससे किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने एफसीआई अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि भामाशाह मंडी जैसी बड़ी मंडी में जहां प्रतिदिन डेढ़ लाख क्विंटल तक की क्षमता है, वहां क्षमता के अनुरूप कार्य नहीं हो रहा है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह पहली बार देखने में आ रहा है कि इतनी बड़ी मंडी सीजन के दौरान खाली पड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडी में प्रतिदिन न्यूनतम 80 हजार कट्टों की तुलाई होनी चाहिए। जबकि वर्तमान में केवल 40 हजार कट्टों की ही तुलाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि संसाधनों का सही प्रबंधन हो तो यह संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है।
​व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ऊर्जा मंत्री ने बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि बायोमेट्रिक मशीनों की संख्या वर्तमान में 3 से बढ़ाकर तत्काल 6 की जाए ताकि किसानों का सत्यापन कार्य बिना किसी बाधा के त्वरित गति से हो सके। इसके साथ ही उन्होंने मैनपावर बढ़ाने के भी निर्देश दिए। मंत्री ने गौर किया कि तौल केंद्र पर एक ही व्यक्ति को बायोमेट्रिक, सैंपलिंग और अन्य कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। जिससे कार्य का बोझ बढ़ रहा है और प्रक्रिया में देरी हो रही है। उन्होंने कार्यों के विकेंद्रीकरण और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति के आदेश दिए।
​मंडी में गेहूं के उठाव की समस्या को लेकर मंत्री नागर ने एफसीआई के महाप्रबंधक राजेश चौधरी से फोन पर वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सैंपल क्वालिटी चेक करने और माल के उठाव में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुनिश्चित करें कि किसानों को उनकी उपज का तौल समय पर हो और भुगतान में भी कोई देरी न आए।

कर्मचारियों को दी सौम्य व्यवहार की सीख
ऊर्जा मंत्री ने तौल केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को किसानों के साथ संवेदनशीलता और विनम्रता से व्यवहार करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि किसान अन्नदाता है और उसे मंडी में किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित रूप से मंडी का मॉनिटरिंग करने और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए ताकि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाया जा सके।

Pramukh Samvad

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