Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 9 जून। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) के दिशा-निर्देशानुसार कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में सीसीबी अधिकारियों, बैंककर्मियों एवं डेयरी अधिकारियों की संयुक्त बैठक संघ अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य दुग्ध उत्पादक समितियों में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार एवं माइक्रो एटीएम के उपयोग को बढ़ावा देना था। बैठक में रजिस्ट्रार बलविंदर सिंह गिल,डेयरी प्रबंध निदेशक दिलखुश मीणा सहित बैंक,डेयरी के अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान 20 से अधिक दुग्ध उत्पादक किसानों के माइक्रो एटीएम बनाए गए तथा उन्हें डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार बलविंदर सिंह गिल ने कहा कि माइक्रो एटीएम ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को किसानों के द्वार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से किसान अपने गांव में ही नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान, बैलेंस जांच तथा अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि सहकारिता और तकनीक का समन्वय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादक किसानों को अब बैंकिंग सेवाओं के लिए बार-बार शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि माइक्रो एटीएम के माध्यम से उन्हें गांव स्तर पर ही नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान तथा अन्य बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं सहकारिता विभाग डिजिटल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। माइक्रो एटीएम व्यवस्था से किसानों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुलभ होगी।
बैठक में डेयरी समितियों में डिजिटल तकनीक के अधिकाधिक उपयोग, किसानों को जागरूक करने तथा माइक्रो एटीएम सेवाओं के विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने किसानों से इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
