Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 4 मई। राजधानी में उपभोक्ताओं के साथ हो रही चुपचाप ‘मिलीलीटर चोरी’ पर आखिरकार बड़ा एक्शन हुआ है। उपभोक्ता मामलात विभाग ने मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर सोमवार को शहर के प्रमुख पेट्रोल पंपों पर एक साथ औचक छापेमारी कर ऐसा खुलासा किया है, जिसने हर वाहन चालक को चौंका दिया है। इस विशेष अभियान को ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत अंजाम दिया गया, जिसमें अजमेर रोड, सीकर रोड और दिल्ली रोड सहित प्रमुख क्षेत्रों के 15 पेट्रोल पंपों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कई पंपों पर घटतौली का खेल पकड़ा गया और दोषी नोजल तत्काल सीज कर दिए गए।
मिलीलीटर में छिपा बड़ा खेल
जांच में सामने आया कि कुछ पेट्रोल पंप संचालक बेहद चालाकी से हर 5 लीटर पर 25 से 40 मिलीलीटर तक पेट्रोल-डीजल कम दे रहे थे। यह मामूली दिखने वाली कमी दरअसल बड़े स्तर पर उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रही थी। प्रमुख मामलों को मिलाकर देखा जाए तो रोजाना हजारों लीटर की बिक्री के बीच हर दिन दर्जनों लीटर ईंधन ‘गायब’ हो रहा था, जिससे महीने भर में हजारों लीटर तेल की सीधी चोरी हो रही थी। इस हेराफेरी का असर यह था कि आम जनता से हर महीने लाखों रुपये तक की अतिरिक्त वसूली की जा रही थी। अलग-अलग पंपों पर यह नुकसान ₹70,000 से लेकर ₹1 लाख से अधिक तक पहुंच रहा था, जो इस संगठित गड़बड़ी की गंभीरता को दर्शाता है।
कार्रवाई और सख्त संदेश
विभाग ने कार्रवाई के दौरान दोषी पाए गए पंपों पर कानूनी प्रावधानों के तहत सख्ती दिखाई और कुल ₹37,000 का जुर्माना भी वसूला। साथ ही अन्य संदिग्ध पंपों को नोटिस जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि यह अभियान केवल जयपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राजस्थान में पेट्रोल पंपों की नियमित और सघन जांच की जाएगी।
क्या आपके शहर में भी चल रहा है यह खेल?
यह खुलासा केवल जयपुर तक सीमित नहीं माना जा सकता। बड़ा सवाल यह है कि क्या आपके शहर या आसपास के पेट्रोल पंपों पर भी इसी तरह ‘मिलीलीटर घोटाला’ चल रहा है, जो चुपचाप आपकी जेब पर डाका डाल रहा हो? हर बार थोड़ी-थोड़ी घटतौली मिलकर बड़ी आर्थिक क्षति का रूप ले लेती है। ऐसे में जरूरी है कि उपभोक्ता सतर्क रहें, ईंधन भरवाते समय मीटर पर नजर रखें और संदेह होने पर तुरंत संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।
जागरूकता और सख्त निगरानी की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए हर पेट्रोल पंप की समय-समय पर अनिवार्य जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान सख्ती से लागू होना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी संचालक इस तरह की हेराफेरी करने की हिम्मत न कर सके। डिजिटल मॉनिटरिंग, पारदर्शी सिस्टम और जनता की जागरूकता ही इस ‘मीटर के खेल’ को पूरी तरह खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका साबित हो सकते हैं।
