कोटा में चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि : ईथोस हॉस्पिटल में अत्याधुनिक ERCP Suite का शुभारंभ

Written by : प्रमुख संवाद

अब पित्त नली और अग्नाशय से जुड़ी गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान और इलाज होगा आसान

कोटा, 16 मई। हाड़ौती क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। स्वामी विवेकानंद नगर स्थित ईथोस हॉस्पिटल में अत्याधुनिक ERCP Suite का शुभारंभ किया गया। इस नई सुविधा के शुरू होने से अब पित्त नली (Bile Duct) और अग्नाशय (Pancreas) से संबंधित जटिल रोगों की प्रारंभिक चरण में पहचान और आधुनिक तकनीक के जरिए इलाज संभव हो सकेगा।

उद्घाटन समारोह में पूर्व मंत्री एवं विधायक शांति धारीवाल ने इस पहल को हाड़ौती के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि तेजी से विकसित हो रहे कोटा शहर को लंबे समय से अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता थी। अब इस तरह की सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को उपचार के लिए बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल ने बताया कि नई ERCP तकनीक में 4K हाई-डेफिनिशन एंडोस्कोपी और NBI (Narrow Band Imaging) तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक शरीर के भीतर अत्यंत सूक्ष्म बदलावों को भी स्पष्ट रूप से पहचानने में सक्षम है, जिससे पित्त नली और अग्नाशय के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में यह तकनीक बायोप्सी से पहले ही बीमारी के संकेत देने में सहायक सिद्ध होती है।

इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कई जटिल समस्याओं का उपचार बिना बड़े ऑपरेशन के एंडोस्कोपी के माध्यम से किया जा सकता है। पथरी, ब्लॉकेज, स्टेंटिंग और ट्यूमर जैसी समस्याओं के उपचार में मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेज रिकवरी का लाभ मिलेगा।

ईथोस हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल में Capsule Endoscopy जैसी आधुनिक सुविधा भी उपलब्ध है। इस प्रक्रिया में मरीज एक छोटे कैमरेयुक्त कैप्सूल को निगलता है, जो पाचन तंत्र की हजारों तस्वीरें रिकॉर्ड कर डॉक्टरों को आंतरिक जांच में मदद करता है। इससे छोटी आंत सहित कई जटिल समस्याओं का पता बिना बड़ी प्रक्रिया के लगाया जा सकता है।

ईथोस हॉस्पिटल के निदेशक प्रदीप दाधीच ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि हाड़ौती क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्थापित ERCP Suite मरीजों को आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और बेहतर देखभाल का समन्वित लाभ देगा। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की मजबूरी समाप्त हो।

अस्पताल प्रबंधन के सदस्य जितेन्द्र गोयल, हर्ष दाधीच और टीम ने बताया कि इस सुविधा का लाभ केवल कोटा ही नहीं, बल्कि बूंदी, बारां, झालावाड़ सहित मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी मिलेगा। पहले गंभीर मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों तक जाना पड़ता था, जिससे समय की देरी कई बार जोखिम बढ़ा देती थी, लेकिन अब समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

अस्पताल प्रबंधन ने यह भी बताया कि मरीजों की सुविधा और आराम को प्राथमिकता देते हुए अस्पताल में Conscious Sedation प्रणाली अपनाई गई है। इसके तहत जांच और उपचार के दौरान मरीज को न्यूनतम असुविधा होती है तथा प्रक्रिया के बाद प्रशिक्षित स्टाफ और आधुनिक मॉनिटरिंग व्यवस्था के बीच मरीज की निगरानी की जाती है।

Pramukh Samvad

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