Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 15 मई। कोटा विश्वविद्यालय द्वारा बीपीएड के चौथे सेमेस्टर का पुनर्मूल्यांकन का परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए जाने से सरकारी पीटीआई का सपना देख रहे युवा छात्रों को विश्वविद्यालय की लापरवाही एवं हर कार्य में लेट लतीफी के कारण फॉर्म भरने से वंचित रहना पड़ सकता है।
कोटा विश्वविद्यालय पहुंचे छात्रों ने बताया कि बीपीएड के चतुर्थ सेमेस्टर में कई छात्रों के एक-दो विषयों में बेक दी गई थी जिसके पुनर्मूल्यांकन के फॉर्म सितंबर 2025 में भर दिए गए थे किंतु भरे हुए लगभग 9 महीने पूरे होने को हैं लेकिन अभी तक विश्वविद्यालय की ओर से पुनर्मूल्यांकन के परिणाम जारी नहीं किए गए हैं।
छात्रों ने बताया कि विश्विद्यालय द्वारा सभी छात्रों के सेमेस्टर मार्कशीट में एनरोलमेंट नंबर भी गलत किए गए थे जिन्हें सही करवाने हेतु छात्रों से चालान भरवा कर जमा करवाए गए और बावजूद इसके भी अगले सेमेस्टर की मार्कशीट में भी सभी के एनरोलमेंट गलत ही जारी किए गए । कोटा विश्वविद्यालय की इस तरह की लापरवाहियों के कारण छात्र अपने भविष्य को लेकर काफी परेशान हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा सितंबर में होने वाले पीटीआई एग्जाम के लिए जून में फॉर्म भरे जाने की बात कही गई है किंतु यहां अभी तक बीपीएड के छात्रों के पुनर्मूल्यांकन के परिणाम तक जारी नहीं किए जा सके हैं । वहीं एनरोलमेंट नंबर भी सही नहीं किए जा सके हैं।
कई छात्रों का कहना है कि विश्विद्यालय जाने पर कोई सही से न समस्या सुनता है और न ही समस्या लेकर आए छात्रों को उचित जवाब देता है। समस्या लेकर यूनिवर्सिटी पहुंचे छात्रों को देर तक रुम में खड़ा रखा जाता है।
छात्रों का आरोप है कि बीपीएड की शुरुआत से ही कोटा विश्वविद्यालय की कार्यशैली लापरवाह रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कभी छात्रों का सेमेस्टर परीक्षा परिणाम लेट जारी किया गया, तो कभी अंक तालिका जारी करने में लेटलतीफी भी की गई। यहां तक की बीपीएड स्टूडेंट के एनरोलमेंट नंबर भी गलत कर दिए गए, जिसे सही करवाने के लिए पूरे प्रदेश से युवाओं को सैकड़ो किलोमीटर दूर से हजारों रुपए खर्च कर कोटा विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़े। जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
विश्वविद्यालय के निकम्मे एवं नकारेपन की वजह से बीपीएड के छात्रों को कई सरकारी नौकरियों के फॉर्म भरने से वंचित रहना पड़ा है ।
छात्र परीक्षा के बाद से ही कई प्रकार की अपनी समस्याएं लेकर विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन कोई ठोस जवाब नहीं देता है जिसकी वजह से छात्रों में भारी आक्रोश है। पीटीआई के फॉर्म भरे जाने से पूर्व कोटा विश्वविद्यालय द्वारा बीपीएड की मार्कशीट जारी नहीं की गई एवं एनरोलमेंट नंबर में सुधार नहीं किया गया तो छात्रों को पीटीआई भर्ती परीक्षा से वंचित रहना पड़ेगा जिसका जिम्मेदार कोटा विश्वविद्यालय का संबंधित विभाग रहेगा।
