Written by : प्रमुख संवाद
जयपुर, 16 मई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के आर्थिक विकास और पर्यावरण सुधार के लिए “पेट्रोल-डीजल की बचत” करने की भावुक अपील का राजस्थान में बड़ा असर देखने को मिला है। पीएम की इस मुहिम को गति देते हुए राजस्थान सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने सादगी और ईंधन संरक्षण की एक शानदार मिसाल पेश की है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अपने राजकीय दौरों और दैनिक सफर के लिए पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों के भारी-भरकम वीआईपी काफिले को पूरी तरह त्याग दिया है। ईंधन की बर्बादी को रोकने के लिए वे अब बिना किसी सुरक्षा लश्कर के, अकेले इलेक्ट्रिक व्हीकल में सफर कर रहे हैं। हालांकि गांवो में चार्जिंग स्टेशन की कमी के चलते मजबूरन डीजल गाड़ी का उपयोग करना पड़ रहा है। मंत्री को बिना काफिले के साधारण तरीके से ईवी कार में चलते देख आम जनता भी बेहद प्रभावित है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में मंत्री नागर के साथ 8 से 10 गाड़ियों का काफिला चलता रहा है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने देश की आर्थिक उन्नति और पर्यावरण के लिए पेट्रोल-डीजल की बचत करने का आह्वान किया है। देश का करोड़ों रुपया ईंधन आयात करने में जाता है। ऊर्जा मंत्री होने के नाते मेरा यह कर्तव्य है कि मैं इस बचत की शुरुआत खुद से करूँ। काफिला छोड़ने और ईवी अपनाने से पेट्रोल की बचत भी होगी और देश के मुद्रा भंडार की भी सुरक्षा हो सकेगी।
मंत्री जी के इस कदम की चौतरफा सराहना हो रही है। जानकारों का मानना है कि एक ज़िम्मेदार पद पर बैठे राजनेता द्वारा पेट्रोल- डीजल गाड़ियों का काफिला छोड़कर ईवी अपनाना, प्रदेश में ईंधन संरक्षण और ‘ग्रीन एनर्जी’ के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में सकारात्मक कदम साबित होगा।
