रेलवे पर आशीष मेहता के 51 बड़े सवाल, वंदे भारत बहाली से लेकर कोटा जंक्शन के धीमे पुनर्विकास तक उठाई यात्रियों की आवाज

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 26 जून। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मुख्यालय में आयोजित क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की 22वीं बैठक में समिति के वरिष्ठ सदस्य आशीष मेहता ने कोटा संभाग एवं हाड़ौती क्षेत्र के रेल यात्रियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए रेलवे प्रशासन के समक्ष 51 बिंदुओं का विस्तृत सुझाव पत्र प्रस्तुत किया। बैठक में उन्होंने यात्री सुविधाओं, नई ट्रेनों के संचालन, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, त्योहार स्पेशल ट्रेनों के संचालन और कोटा जंक्शन के पुनर्विकास सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर रेलवे प्रशासन से जवाब मांगा।

वंदे भारत बंद करने पर उठाए सवाल

आशीष मेहता ने उदयपुर-आगरा वंदे भारत एक्सप्रेस को बंद किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली ZRUCC बैठक में रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन की ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत बताई थी। यदि ट्रेन में पर्याप्त यात्री थे तो इसे अचानक क्यों बंद किया गया? उन्होंने इस निर्णय के कारण सार्वजनिक करने, गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा किराए की समीक्षा के साथ वंदे भारत सेवा को शीघ्र पुनः शुरू करने की मांग की।

कोटा के लिए नई ट्रेनों की मांग

उन्होंने कहा कि कोटा देश की सबसे बड़ी कोचिंग सिटी होने के साथ-साथ हाड़ौती का प्रमुख व्यापारिक केंद्र भी है। ऐसे में कोटा-दिल्ली के बीच रात में चलने वाली ओवरनाइट ट्रेन शुरू की जाए, मुंबई और पुणे रूट पर त्योहारों के दौरान अतिरिक्त फेरे एवं कोच लगाए जाएं तथा कोटा-बेंगलुरु के बीच नई त्रि-साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन शुरू की जाए।

त्योहार स्पेशल ट्रेनों के कुप्रबंधन पर नाराजगी

मेहता ने कहा कि पिछले वर्ष रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर चलाई गई कई स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग यात्रा से मात्र एक दिन पहले शुरू की गई, जिससे अधिकांश यात्रियों को इसकी जानकारी ही नहीं मिल सकी। परिणामस्वरूप ट्रेनें खाली चलीं और रेलवे को भी राजस्व का नुकसान हुआ। उन्होंने मांग की कि भविष्य में सभी त्योहार स्पेशल ट्रेनों की घोषणा और आरक्षण कम से कम 7 से 10 दिन पहले शुरू किया जाए।

कोटा जंक्शन के पुनर्विकास में तेजी लाने की मांग

कोटा जंक्शन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने के बाद भी स्टेशन परिसर में निर्माण सामग्री बिखरी हुई है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने, बुजुर्गों एवं दिव्यांग यात्रियों के लिए इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट और सामान ट्रॉली सेवा शुरू करने, अंडरपास से हॉट रोड तक सीधा संपर्क मार्ग विकसित करने तथा सोगरिया स्टेशन पर नए सबवे के निर्माण की मांग रखी।

छोटे स्टेशनों की उपेक्षा पर जताई नाराजगी

आशीष मेहता ने कहा कि छोटे स्टेशनों पर यात्रियों को आज भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने वाटर कूलर, छायादार शेड और गर्मी के मौसम में अतिरिक्त अस्थायी शेड लगाने की मांग की। साथ ही कैटरिंग सेवाओं की खराब गुणवत्ता, पानी की बोतलों पर ओवरचार्जिंग और बिना बिल वसूली पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई।

रेल नेटवर्क विस्तार और नई परियोजनाओं पर दिए सुझाव

उन्होंने दौसा-गंगापुर सिटी रेलखंड पर नियमित ट्रेनों का संचालन बढ़ाने, मथुरा-गंगापुर सिटी ट्रेन बहाल करने, कोटा-देहरादून नंदा देवी एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों का विस्तार, उज्जैन-झालावाड़ मेमू सेवा, कोटा-नागदा इंटरसिटी ट्रेन शुरू करने, रामगंजमंडी-भोपाल रेल लाइन को प्रस्तावित कोटा-नीमच रेल लाइन से जोड़ने तथा जुल्मी स्टेशन पर मेगा कोचिंग एवं कंटेनर डिपो विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा।

महाप्रबंधक को सौंपा 51 बिंदुओं का सुझाव पत्र

बैठक के अंत में आशीष मेहता ने कोटा और जबलपुर मंडल को ग्रीन कैटेगरी में शामिल करने, वरिष्ठ नागरिकों एवं पत्रकारों को रेल किराए में मिलने वाली रियायत पुनः लागू करने तथा प्रमुख स्टेशनों पर प्रीपेड टैक्सी बूथ स्थापित करने की मांग भी दोहराई। पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने सभी सुझावों पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Pramukh Samvad

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