Written by : Sanjay kumar
बीकानेर, 10 अगस्त। पांचू थाना क्षेत्र में 5 अगस्त को कैश वैन से हुई करीब 51 लाख रुपए की लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि लूट की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि कैश वैन में कस्टोडियन के पद पर तैनात कर्मचारी ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने मामले में कस्टोडियन विक्रमसिंह राजपूत और उसके साथी श्यामसुन्दर को गिरफ्तार किया है। पुलिस लूटी गई रकम की बरामदगी के साथ वारदात में शामिल अन्य आरोपियों, हथियार और बिना नंबर की कैंपर गाड़ी की तलाश में जुटी है।
कैश वैन के रूट में जानबूझकर किया बदलाव
वृत्ताधिकारी जरनेल सिंह के अनुसार, सीएमएस इंफो सिस्टम लिमिटेड, बीकानेर में कस्टोडियन के पद पर कार्यरत विक्रमसिंह राजपूत निवासी चरकड़ा, हाल बाबा छोटूनाथ कॉलोनी, नोखा की जिम्मेदारी बैंक से नकदी लेकर नोखा क्षेत्र के एटीएम में कैश लोड करवाने की थी। वारदात वाले दिन विक्रमसिंह ने निर्धारित रास्ते पर जाने के बजाय कैश से भरी वैन को जानबूझकर नोखा से सारुण्डा की ओर मोड़ दिया। पुलिस जांच में यही बदलाव साजिश की अहम कड़ी के रूप में सामने आया।
पहले से तय थी कैश वैन लूटने की योजना
पुलिस के अनुसार, विक्रमसिंह ने अपने साथी श्यामसुन्दर निवासी स्वरूपसर, पांचू और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। तय योजना के मुताबिक सारुण्डा रोड पर कैश वैन को रोककर कर्मचारियों को हथियारों के बल पर डराना था। इसके बाद कस्टोडियन को कैश वैन का लॉक खोलने और कैश बॉक्स निकालने में मदद करनी थी। लूट की रकम को आरोपियों के बीच बांटने की योजना बनाई गई थी।
कैंपर से पहुंचे बदमाशों ने हथियारों के बल पर लूटा कैश
5 अगस्त को कैश वैन नोखा से सारुण्डा की तरफ रवाना हुई। नोखा से करीब 5 से 7 किलोमीटर आगे पीछे से बिना नंबर प्लेट की एक कैंपर गाड़ी आई। कैंपर में सवार 2-3 बदमाशों ने कैश वैन को रुकवाया और चालक के सिर पर हथियार तान दिया। बदमाशों ने कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देकर कैश वैन में रखा करीब 51 लाख रुपए से भरा कैश बॉक्स अपने कब्जे में लिया और मौके से फरार हो गए।
जांच में कस्टोडियन की भूमिका पर गहराया शक
वारदात के बाद पुलिस ने कैश वैन के निर्धारित रूट, बदले गए रास्ते, घटनास्थल, कर्मचारियों की भूमिका और कैश वैन के लॉक तक पहुंच रखने वाले लोगों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान वैन का निर्धारित मार्ग छोड़कर सारुण्डा की तरफ जाना और कस्टोडियन की कैश बॉक्स तथा लॉक तक सीधी पहुंच पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बने। पूछताछ और तकनीकी जांच से मिले तथ्यों के आधार पर विक्रमसिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
दो आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
पुलिस ने जांच के आधार पर कस्टोडियन विक्रमसिंह राजपूत और उसके साथी श्यामसुन्दर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों आरोपियों से लूटी गई रकम की बरामदगी, वारदात में शामिल अन्य लोगों और साजिश के पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
ब्रांच मैनेजर की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ था मामला
पांचू थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद जांगिड़ के अनुसार, 5 अगस्त को सीएमएस इंफो सिस्टम लिमिटेड, बीकानेर के ब्रांच मैनेजर आदित्य रावत की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया था। कंपनी विभिन्न बैंकों से नकदी लेकर उसे एटीएम में लोड करने का कार्य करती है। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं पर जांच शुरू की थी।
लूट की रकम, हथियार और कैंपर की बरामदगी पर फोकस
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब लूटी गई करीब 51 लाख रुपए की पूरी रकम बरामद करने के प्रयास में जुटी है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार, बिना नंबर की कैंपर गाड़ी और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात की साजिश में कितने लोग शामिल थे और लूट के बाद रकम को कहां छिपाया गया।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में पांचू थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद जांगिड़, नोखा थानाधिकारी गोविंद सिंह चारण और जसरासर थानाधिकारी राकेश स्वामी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
