Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 25 जून। केडीए, वन विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यवाहियों के विरोध में गुरुवार को हजारों ग्रामीण संभागीय आयुक्त कार्यालय पर एकत्र हुए। ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, दोपहिया वाहनों और अन्य साधनों से प्रदर्शन स्थल पहुंचे। सीएडी सर्कल पर आयोजित सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने रैली निकालकर संभागीय आयुक्त को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर ने आरोप लगाया कि प्रशासन ग्रामीणों को उनकी पुश्तैनी जमीनों से बेदखल करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल जमीन नहीं बल्कि ग्रामीणों के हक और आजीविका की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर कोटा में महापड़ाव आयोजित किया जाएगा।

पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने वन विभाग, केडीए और पुलिस प्रशासन पर ग्रामीणों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ हो रही कार्रवाई वन अधिकार अधिनियम-2006 की भावना के विपरीत है। गुंजल ने दावा किया कि वर्षों से बसे लोगों को बेदखल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि कानून उन्हें संरक्षण प्रदान करता है।
खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि किसान, मजदूर और पशुपालक वर्ग के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत पात्र लोगों को बेदखल नहीं करने, लंबे समय से लंबित भूमि आवंटन प्रक्रिया पूरी करने, वन उपज पर आश्रित आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा करने तथा राणपुर थाना प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग शामिल है।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय आयुक्त से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने सात दिन में कार्रवाई की मांग की, जिस पर संभागीय आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों से चर्चा के लिए 15 दिन का समय मांगा। इसके बाद आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयावधि में समाधान नहीं होने पर महापड़ाव शुरू किया जाएगा।
सभा का संचालन राजस्थान गुर्जर महासभा के पूर्व अध्यक्ष राजेश बोड़ ने किया। कार्यक्रम में कांग्रेस और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
