Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 28 जून। राजस्थान में ईंधन वितरण व्यवस्था को सशक्त बनाने और बहुप्रतीक्षित राजस्थान रिफाइनरी परियोजना को गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में शनिवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) तथा एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न विकासात्मक प्रस्तावों और परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में राज्यभर में नए पेट्रोल पंप स्थापित करने की योजना को प्राथमिकता देते हुए इसकी प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में 300 संभावित स्थानों की पहचान की जा चुकी है, जहां नए रिटेल आउटलेट विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर HPCL लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जिससे राज्य में ईंधन उपलब्धता बेहतर होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। नए पेट्रोल पंपों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरदराज़ क्षेत्रों तक आधुनिक ईंधन सुविधाओं का विस्तार होगा और परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
31 जुलाई तक बनेगी नई भूमि लीज नीति
नए पेट्रोल पंपों की स्थापना में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार सरकारी भूमि को लीज पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। बैठक में निर्णय लिया गया कि 31 जुलाई तक नई भूमि लीज नीति तैयार की जाएगी, जिसके तहत सरकारी भूमि HPCL को लीज पर उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे भूमि आवंटन प्रक्रिया में तेजी आएगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी। नई नीति लागू होने के बाद 304 चिन्हित स्थानों पर पेट्रोल पंप स्थापित करने की प्रक्रिया और अधिक तेज होने की उम्मीद है।
₹79,459 करोड़ की राजस्थान रिफाइनरी परियोजना बनेगी विकास का नया आधार
बैठक में राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में विकसित की जा रही एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) की महत्वाकांक्षी परियोजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। केंद्र सरकार ने इस मेगा परियोजना की लागत को पहले के ₹43,129 करोड़ से बढ़ाकर ₹79,459 करोड़ कर दिया है, जिससे यह देश की सबसे बड़ी ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं में शामिल हो गई है।
रिफाइनरी के पूर्ण क्षमता से संचालन शुरू होने पर यहां प्रतिवर्ष लगभग 1 मिलियन मीट्रिक टन (MMTPA) पेट्रोल तथा 4 मिलियन मीट्रिक टन (MMTPA) डीजल का उत्पादन होगा। इसके अलावा पॉलीप्रोपाइलीन, प्लास्टिक एवं अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों का भी बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाएगा, जिससे राजस्थान पेट्रोकेमिकल उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, निवेश आकर्षित होगा तथा राज्य की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही नए पेट्रोल पंपों का विस्तृत नेटवर्क तैयार होने से रिफाइनरी से उत्पादित ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और सुगम बनेगी।
सरकारी विभागों की ईंधन खरीद में प्राथमिकता का प्रस्ताव
बैठक के दौरान HPCL और HRRL के अधिकारियों ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि राजस्थान पारदर्शी लोक खरीद (RTPP) अधिनियम के तहत सरकारी विभागों द्वारा की जाने वाली ईंधन खरीद में दोनों कंपनियों को ‘प्रेफरेंशियल सप्लायर’ (प्राथमिक आपूर्तिकर्ता) का दर्जा प्रदान किया जाए। अधिकारियों का कहना था कि यदि सरकारी विभाग स्थानीय रिफाइनरी से उत्पादित ईंधन को प्राथमिकता देंगे तो इससे राज्य में उत्पादित ईंधन की खपत बढ़ेगी, परिवहन लागत में कमी आएगी, रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग होगा तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सीधा लाभ मिलेगा।
समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों और योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार HPCL और HRRL के साथ समन्वय स्थापित कर सभी परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने रेखांकित किया कि राजस्थान रिफाइनरी परियोजना केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है।
प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से राजस्थान का ईंधन वितरण नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आधुनिक पेट्रोल पंपों की संख्या बढ़ने से आमजन को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। वहीं परिवहन, लॉजिस्टिक्स, व्यापार, पेट्रोकेमिकल उद्योग और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। लगभग ₹400 करोड़ के नए निवेश और ₹79,459 करोड़ की रिफाइनरी परियोजना के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान ऊर्जा, औद्योगिक विकास और निवेश के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
