Written by : Sanjay kumar
बीकानेर:14 अगस्त। राजस्थान के बीकानेर रेलवे महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एयरकंडीशन्ड कमरों में फाइलों के खेल का पर्दाफाश करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम ने अचानक दबिश दी। फाइलों की सुस्ती दूर करने के नाम पर मोटी रकम वसूलने वाले शातिर दिमाग अधिकारियों को यह अंदाजा भी नहीं था कि भ्रष्टाचार के इस काले खेल का अंत इतनी जल्दी और ऐसे भयानक अंदाज में होगा। 48 करोड़ रुपए के भारी-भरकम प्रोजेक्ट के बिलों को फाइलों की कैद से आज़ाद करने की एवज में रिश्वत की मलाई खाने बैठे दो वरिष्ठ रेल कर्मियों को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
48 करोड़ के टेंडर पर बैठा था घूंस का पहरा
कोलकाता की एमआरटी (MRT) कंपनी को रेलवे के विकास कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपए का एक विशालकाय प्रोजेक्ट मिला था। कंपनी ने अपनी मेहनत और संसाधनों से कार्य को धरातल पर उतार दिया था, लेकिन असली परीक्षा इसके बाद शुरू हुई। बिल पास कराने के लिए जब फाइलें रेलवे के टेढ़े-मेढ़े रास्तों से गुजरीं, तो उन्हें टेबल पर ही रोक दिया गया। सीनियर सेक्शन ऑफिसर राजेंद्र चौधरी और उसके साथी कार्मिक राकेश ने इन बिलों को क्लीयर करने की शर्त पर भारी कमीशन की मांग रख दी, जिससे कंपनी के प्रतिनिधि परेशान हो उठे।
₹1,20,000 की डील और खाकी का जाल
रिश्वत की इस काली डिमांड से तंग आकर कंपनी के प्रतिनिधि ने सीबीआई की जयपुर शाखा का दरवाजा खटखटाया। एजेंसी ने बिना देर किए मामले की गोपनीयता से तस्दीक की। तय योजना के तहत कंपनी का कार्मिक नवल किशोर 1 लाख 20 हजार रुपए की घूस की रकम लेकर आरोपियों के पास पहुंचा। जैसे ही नोटों की गड्डियां राजेंद्र चौधरी और राकेश के हाथों में थमाई गईं और उन्होंने उसे स्वीकार किया, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में घात लगाकर बैठे सीबीआई के जवानों ने उन्हें घेर लिया। नोटों पर लगे रासायनिक रंग ने दोनों की पोल खोल दी और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
अब होगी बेनामी संपत्तियों और फाइलों की कुंडली की जांच
रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की आंच सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों आरोपियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी गई। एजेंसी ने 48 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी डिजिटल दस्तावेज, बिल वाउचर और मुख्य फाइलें अपने कब्जे में ले ली हैं। अब सीबीआई की विशेष अदालत में दोनों को पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि यह खंगाला जा सके कि इस खेल में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। बीकानेर रेलवे महकमे में इस कार्रवाई के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई अपनी फाइलों को लेकर सहमा हुआ है।
