Written by : Sanjay kumar
उदयपुर : 26 सितंबर।
खाकी के साये में चल रहे एक बड़े खेल का भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उदयपुर के चर्चित ‘272 प्लॉट घोटाले’ में एफआर (Final Report) लगाने और जब्त जेवरात-नकदी वापस दिलाने के एवज में 2 करोड़ रुपए की घूस मांगने के मामले में SOG के एडिशनल एसपी (ASP) मुकेश कुमार सोनी को ACB ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले, एएसपी के दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को 2 करोड़ रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया था।
कार में मुलाकात, होठों पर खामोशी और मोबाइल स्क्रीन पर ‘2 करोड़’
इस पूरे घटनाक्रम में सस्पेंस और साजिश की परतें तब खुलीं जब पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए दलाल उसे दफ्तर के बजाय उदयपुर में एक सुनसान चौराहे पर खड़ी कार में ले गया। कार की अगली सीट पर ASP मुकेश सोनी बैठे थे, जबकि पीछे दलाल और परिवादी। रिकॉर्डिंग के डर से एएसपी ने पूरे वक्त मुंह से एक शब्द भी नहीं बोला—बस खामोशी साधे रखी। लेकिन बातचीत के अंत में उन्होंने अपने मोबाइल की स्क्रीन पर ‘2 करोड़’ टाइप कर परिवादी को दिखाया और इशारों ही इशारों में केस खत्म करने का सौदा पक्का कर दिया।
4 लाख असली, 1.96 करोड़ डमी नोट: ACB का बिछाया गया ‘मास्टर प्लान’
शिकायत के सत्यापन के बाद ACB डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में उदयपुर टीम ने एक फूलप्रूफ प्लान बनाया। शनिवार को जब दलाल सज्जन सिंह रिश्वत की रकम लेने पहुंचा, तो ACB ने उसे घेर लिया। रिश्वत के बैग में केवल 4 लाख रुपए के असली नोट रखे गए थे, जबकि बाकी 1.96 करोड़ रुपए डमी नोट थे। दलाल के हत्थे चढ़ते ही ACB ने देर रात बालोतरा स्थित एएसपी के आवास पर दबिश दी और उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद रविवार को एएसपी की औपचारिक गिरफ्तारी की गई।
क्या है 500 करोड़ का ‘272 प्लॉट घोटाला’?
फर्जीवाड़े का खेल: भू-माफियाओं ने नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से खाली और निरस्त जमीनों के फर्जी दस्तावेज व लीज डीड तैयार कर अवैध नामांतरण खोले और उन्हें आगे बेच दिया।
2022 से चल रही जांच: मामला सबसे पहले 2022 में सामने आया था, जिसमें नगर निगम ने 48 पट्टे निरस्त किए थे। विधानसभा से लेकर राज्यपाल तक इस मुद्दे की गूंज पहुंची थी।
भारी बरामदगी: अगस्त में SOG ने सुखेर निवासी पूर्व अधिकारी और उनके पति को गिरफ्तार कर उनके पास से 2 किलो सोना और 11 लाख रुपए कैश जब्त किया था। इसी जब्त सामान को लौटाने और केस रफा-दफा करने के लिए 2 करोड़ की घूस मांगी गई थी।
विवादों से पुराना नाता रहे हैं ASP मुकेश सोनी
एएसपी मुकेश सोनी का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। 2022 में अजमेर में नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में आरोपी को राहत देने के आरोप में हाईकोर्ट ने उन्हें रेंज से बाहर ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे। 2024 में अजमेर SOG चौकी के दौरान भी विवादों के चलते उन्हें हटाया गया था, जिसके बाद नवंबर 2025 में उन्हें उदयपुर SOG में तैनात किया गया था।
